अयोध्या महायज्ञ में भीषण अग्निकांड से हड़कंप, 4 झुलसे; अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

अयोध्या के महायज्ञ में भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया, जिसमें 3 लोग गंभीर रूप से झुलस गए. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया. उन्होंने यज्ञ के नाम पर बड़ी वसूली और पैसे बचाने के चक्कर में देखरेख के बिना आयोजन का आरोप लगाया है.

अयोध्या में महायज्ञ के दौरान लगी भीषण आग Image Credit:

अयोध्या में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा पंडाल धू-धू कर जलकर राख हो गया. इस भीषण अग्निकांड से महायज्ञ में हड़कंप मच गया, जिसमें 3 लोग गंभीर रूप से झुलस गए. यह आयोजन परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में हो रहा था, जिसका आज समापन होना था.

अयोध्या के राजघाट पर 9 दिवसीय यज्ञ का आयोजन कराया जा रहा था. परिवहन मंत्री दयाशंकर खुद इसमें मुख्य यजमान थे, लेकिन समापन से पहले य़ज्ञ की पूर्णाहुति के दौरान आग लग गई. इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्रशासन की टीम ने तुरंत पंडाल को खाली कराया. लोंगों का कहना है कि हवन के समय तेज हवाओं के कारण चिंगारी भड़की थी.

घटना में 4 लोग झुलसे, तीन की हालत गंभीर

आग इतना विकराल थी कि मिनटों में महायज्ञ स्थल को पंडाल समेत जलाकर राख कर दिया. फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने बड़ी ही मुश्किलों के बाद आग पर काबू पाया. इस दौरान मौके पर जिलाधिकारी और एसपी भी मौजूद रहे. रेस्क्यू के बीच चार लोगों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जिनमें से तीन बुरी तरह से झुलसे बताए जा रहे हैं.

घटना के बाद से मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में आक्रोश देखने को मिला है. जिलाधिकारी अयोध्या निखिल टीकाराम फंडे ने बताया कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है और सब लोग सुरक्षित है. हवन की चिंगारी से गौशाला में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अयोध्या डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने कहा कि घटना को लेकर अलर्ट कर दिया गया है.

कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का परिणाम- अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भीषण अग्निकांड को लेकर महायज्ञ के दौरान व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही इसे कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का परिणाम करार दिया है. कन्नौज से सांसद ने एक्स पर लिखा, ‘अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है. आशा है सब सुरक्षित होंगे.’

उन्होंने आगे कहा कि , ‘इस बात की जांच हो कि इस यज्ञ की व्यवस्था के पीछे जो आर्थिक और मानवीय स्रोत लगे थे, उनके पीछे कौन था? जनता में फैली ये बात बेहद निंदनीय है कि इस यज्ञ के नाम पर मंत्री जी से संबंधित विभाग से विभागीय स्तर पर बड़ी वसूली हुई और पैसे बचाने के चक्कर में विशेषज्ञों की देखरेख के बिना ही ये आयोजन हुआ.’

Follow Us