छुट्टी पर थे, फिर भी साइन किए करोड़ों के चेक! अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल पर बैठी जांच
अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है. अवकाश पर रहते हुए भी उन्होंने करोड़ों के चेक पर हस्ताक्षर किए और GEM टेंडर पास किए. अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ स्वशासी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उनपर अवकाश पर रहते हुए Gem पोर्टल पर टेंडर पास करने और करोड़ों रूपये के चेक पर साइन करने के आरोप है. प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह एक्शन हुआ है.
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है. शासन ने मामले की जांच महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (DGME) डॉ. नेहा शर्मा को सौंपी है. आरोप यह भी है कि अवकाश पर जाने से पहले डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने अपना प्रभार दूसरे अधिकारी को सौंप दिया था, इसके बावजूद वित्तीय निर्णय लेते रहे.
2.12 करोड़ के GeM कॉन्ट्रैक्ट और चेक पास
डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ.. सत्यजीत वर्मा से ही 21 सितंबर 2023 को चार्ज लिया था. इसी साल चार जनवरी से 19 जनवरी 2023 के बीच अवकाश के दौरान अपना चार्ज डॉ. सत्यजीत को न देकर डॉ. पारस खरबंदा को सौंपा था. आरोप है कि उन्होंने छुट्टी पर होते हुए भी सात और 10 जनवरी के बीच 17 चेकों को पर साइन किए.
शिकायत में कहा गया है कि अवकाश के दौरान 84 लाख रुपये से अधिक के GeM अनुबंध जारी किए गए. इसी अवधि में 17 चेकों के माध्यम से करीब 1.28 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. कुल मिलाकर लगभग 2.12 करोड़ रुपये के सरकारी धन के व्यय को लेकर सवाल उठाए गए हैं. और वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगा है.
जल्द ही उन्हें औपचारिक आरोपपत्र जारी होगा
मामले की शिकायत तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा की ओर से शासन को भेजी गई थी. इसके बाद शासन ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से जांच कराई. प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर शासन ने डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं. जल्द ही उन्हें औपचारिक आरोपपत्र जारी किया जाएगा.