बांके बिहारी मंदिर की VIP गैलरी में कपल ने कर ली सगाई, वीडियो देख भड़के श्रद्धालु
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से एक युवक और युवती का वीआईपी कटघरे में खड़े होकर एक-दूसरे को अंगूठी पहनाने और माला डालने का वीडियो सामने पर बवाल मच गया. रिंग सेरेमनी और जयमाला ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी बेहद तेजी से वायरल हो रहा है. बांके बिहारी के भक्तों ने दोनों की इस हरकत को धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है. साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं और वीआईपी कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. आम लोगों को बांके बिहारी के दर्शन के लिए खासी मशक्कत करना पड़ता. लेकिन कई बार वीआईपी कल्चर की तहत कुछ लोगों को मनमानी के तहत तुरंत दर्शन करा दिया जाता है. काफी समय से इसके खिलाफ आम श्रद्धालु आवाज भी उठाते रहे हैं. लेकिन इस बीच बांके बिहारी मंदिर से एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जो वहां की व्यवस्थाओं और वीआईपी कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
वीआईपी कटघरे में युवक-युवती की रिंग सेरेमनी
दरअसल, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से एक युवक और युवती का वीआईपी कटघरे में खड़े होकर एक-दूसरे को अंगूठी पहनाने और माला डालने का वीडियो सामने आया है. रिंग सेरेमनी और जयमाला ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी बेहद तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है ऐसा करने वाले दोनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं. अब बांके बिहारी के भक्तों ने इस हरकत को धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है.
वहां मौजूद गोस्वामी युवक-युवती से वास्ता होने से किया इनकार
वायरल वीडियो में युवक और युवती को आशीर्वाद देते हुए एक गोस्वामी भी नजर आ रहे हैं. उनसे जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने इस आयोजन से कोई वास्ता होने से भी इनकार कर दिया. उनका कहना है कि वह वहां केवल मौजूद थे. युवक-युवती ने उनका आशीर्वाद लिया तो उन्होंने परंपरा के तहत आशीर्वाद दे दिया. वहीं, हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि इस तरह की होने वाली घटनाओं अगली बैठक में चर्चा की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा.
मंदिर की व्यवस्थाओं और वीआईपी कल्चर पर गंभीर सवाल
बता दें बांके बिहारी में वीआईपी व्यवस्था के नाम पर दर्शन कराने को लेकर कई विवाद हो चुके हैं. आम श्रद्धालु लगातार वीआईपी दर्शन व्यवस्था खत्म करने का मांग कर रहे हैं. अब एक बार फिर ऐसा मामला सामने आने से मंदिर की व्यवस्थाओं और वीआईपी कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. साथ ही प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को देखने वाले लोगों की जिम्मेदारियों को लेकर बहस छिड़ गई.