बरेली: पत्नी की मदद से छिप रहा था इनामी पूर्व सिपाही सुरकेश, पुलिस ने दोनों को दबोचा; एक साथी भी गिरफ्तार
बरेली पुलिस ने 25 हजार के इनामी बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा को उसकी पत्नी और साथी संग गिरफ्तार किया है. वह पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. सुरकेश पर फर्जी मुकदमे में फंसाने और रंगदारी मांगने का आरोप है. पुलिस अब इस मामले की परतें खोलने और पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है.
बरेली पुलिस को लंबे समय से तलाश रहे 25 हजार रुपये के इनामी और बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई. इस कार्रवाई में उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और उसके करीबी साथी ओमवीर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की परतें खोलने में जुट गई है.
बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में दर्ज हुए एक मामले के बाद पुलिस लगातार सुरकेश की तलाश कर रही थी. पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. उस पर पहले से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. पुलिस ने अब पुराने मामलों की भी दोबारा जांच शुरू कर दी है.
फर्जी मुकदमे में फंसाने और रंगदारी का आरोप
मामले की शुरुआत तब हुई जब चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने मिलकर संगठित तरीके से उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप यह भी लगाया गया कि मुकदमे से राहत दिलाने के नाम पर उससे तीन लाख रुपये की रंगदारी की भी मांग की गई थी.
शिकायतकर्ता का आरोप था कि रुपये देने से इनकार करने पर उसके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने तक की धमकी दी गई. शिकायत मिलने के बाद भमोरा पुलिस ने सुरकेश शर्मा समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की. इसी क्रम में आज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सुरकेश अपने कुछ साथियों के साथ मौजूद है.
सदर नगर पुल के पास से पुलिस ने तीनों को दबोचा
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सदर नगर पुल के पास से सुरकेश, उसकी पत्नी कृतिका और साथी ओमवीर को पकड़ लिया. प्रारंभिक पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि फरारी के दौरान उसे पत्नी और उसके करीबी लोगों से सहयोग मिल रहा था. पुलिस अब फरारी में मदद करने वालों का पता लगाने में जुटी है.
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सुरकेश पहले पुलिस विभाग में तैनात था, लेकिन गंभीर आरोप सामने आने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद वह पुलिस की पहुंच से दूर रहने की कोशिश करता रहा. गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि पता चले कि आरोपी किसी और मामले में शामिल था या नहीं.