40 हजार दो, मेडिकल में पास हो जाओगे! फर्जी हवलदार बन अग्निवीर अभ्यर्थियों को ऐसे ठग रहा था जालसाज

बरेली में अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में पास कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने सैन्य खुफिया सूचना पर एक फर्जी हवलदार को दबोचा है. वह अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में अभ्यर्थियों शिकार बनाता था. उसके पास से फर्जी कॉल अप लेटर, कई दस्तावेज और मुहर मिले हैं.

बरेली अग्निवीर ठगी: फर्जी हवलदार गिरफ्तार Image Credit:

बरेली में अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को सेना का सेवानिवृत्त हवलदार बताता था. यहां तक की आरोपी अग्निवीर अभ्यर्थियों को भरोसे में लेने के लिए सेना से जुड़े फर्जी दस्तावेज और मुहर का भी इस्तेमाल करता था.

सैन्य खुफिया इकाई की सूचना पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी को आर्मी अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया. पकड़े गए आरोपी की पहचान राजेश तिवारी निवासी सैरपुर, लखनऊ के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी राजेश ने एक अग्निवीर अभ्यर्थी को मेडिकल में पास कराने का भरोसा देकर उससे 40 हजार रुपये लिए थे.

रजिस्टर में अभ्यर्थियों के नाम, फर्जी कॉल लेटर

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक रजिस्टर, फर्जी मुहर, मोबाइल फोन और सेना के कैंटीन कार्ड की छायाप्रति बरामद हुई है. रजिस्टर में कई अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और उनके मेडिकल में फेल होने के कारण दर्ज मिले हैं. इसके अलावा 108 महार रेजिमेंट से जुड़े तीन फर्जी कॉल अप लेटर की छायाप्रतियां भी बरामद हुई हैं.

इन दस्तावेजों के जरिए आरोपी अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाता था कि उसकी सेना के अधिकारियों तक पहुंच है और वह मेडिकल में फेल होने के बाद दोबारा पास करा सकता है. पूछताछ में राजेश ने पुलिस को बताया कि वह पहले जबलपुर में एक अकादमी चलाता था. अग्निवीर भर्ती व्यवस्था शुरू होने के बाद उसने ठगी करना शुरू कर दिया.

इस काम में उसका साथी गजेंद्र सिंह भी शामिल था

जांच के मुताबिक, आरोपी राजेश मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करता था. वह उन्हें फर्जी कॉल अप लेटर और रेफरल लेटर दिखाकर अपने जाल में फंसाता था. इस काम में उसका साथी गजेंद्र सिंह भी शामिल था. अभ्यर्थी से बातचीत के बाद उसकी पूरी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए गजेंद्र सिंह को भेजी जाती थी.

इसके बाद राजेश अभ्यर्थी से रुपये लेता था. इसमें अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी रकम गजेंद्र सिंह के बताए खाते में भेज देता था. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी के शिकार हुए अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. पुलिस की जांच में आरोपी राजेश के मोबाइल से ठगी की रकम लेने का प्रमाण भी मिला है.

मोबाइल में मिली 40 हजार रुपये की लेनदेन

पुलिस की जांच में 21 अगस्त को अंकित सिंह चौहान नाम के अभ्यर्थी से राजेश ने यूपीआई के जरिए 40 हजार रुपये लिए थे. यह रकम उसके रजिस्टर में भी दर्ज थी. मोबाइल में गजेंद्र सिंह के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है, जिसमें रेफरल फॉर्म और रुपये के लेनदेन को लेकर बातचीत हुई थी. फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी है और उसके साथी का भी पता लगा रही है.

Follow Us