बरेली में अब नहीं अटकेंगे भवनों के नक्शे! BDA का नया प्लान, हर गुरुवार लगेगा ‘विकास संवाद’

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने भवन नक्शा और निर्माण संबंधी समस्याओं के लिए 'विकास संवाद' पहल शुरू की है. इसमें आर्किटेक्ट, बिल्डर समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद होगा. इसकी बैठक हर गुरुवार को आयोजित की जाएगी. इससे बरेली में निर्माण कार्यों को गति मिलेगी.

BDA ने भवन नक्शा स्वीकृति और निर्माण संबंधी समस्याओं के लिए 'विकास संवाद' पहल शुरू की है Image Credit:

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) में भवन मानचित्र पास कराने और निर्माण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए अब अधिकारियों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच सीधा संवाद होगा. बीडीए की ओर से विकास संवाद की शुरुआत की जा रही है. इसमें आर्किटेक्ट, इंजीनियर, बिल्डर, डेवलपर, उद्योग, अस्पताल, स्कूल और होटल से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी.

बैठक में मिलने वाले सुझावों के आधार पर व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि मानचित्र स्वीकृति में बेवजह देरी न हो. विकास संवाद की शुरुआत 3 सितंबर से होगी. इसके बाद हर बृहस्पतिवार अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बैठक की जाएगी. सभी बैठकें बीडीए के मीटिंग हॉल में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक होंगी.

हर गुरुवार अलग-अलग वर्ग के लोगों से बैठक

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय की मौजूदगी में होने वाली इन बैठकों का उद्देश्य निर्माण से जुड़े लोगों की दिक्कतों को सीधे समझना और उनका व्यावहारिक समाधान तलाशना है. पहली बैठक 3 सितंबर को आर्किटेक्ट, इंजीनियर और लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल के साथ होगी. इसके बाद 10 सितंबर को बिल्डर और डेवलपर बुलाए जाएंगे.

वहीं, 17 सितंबर को औद्योगिक संघ और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी. इसके बाद 24 सितंबर को मेडिकल एसोसिएशन और अस्पताल प्रतिनिधियों की बैठक होगी. इसी क्रम में 1 अक्तूबर को स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा. विकास संवाद की अंतिम बैठक 8 अक्तूबर को होटल एसोसिएशन और होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ होगी.

सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था पर भी होगी चर्चा

बीडीए का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से उनकी वास्तविक समस्याएं जानने से मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. बैठकों में खास तौर पर उन कारणों पर चर्चा होगी, जिनकी वजह से भवन मानचित्र स्वीकृति में बार-बार आपत्तियां लगती हैं. कई बार मानचित्र में छोटी-छोटी कमियों के कारण उसे दोबारा जमा करना पड़ता है.

इससे आवेदक का समय भी लगता है और निर्माण की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाती. बीडीए अब इस तरह के मामलों को कम करने पर जोर देगा. विकास संवाद में सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था को ज्यादा आसान बनाने पर भी चर्चा होगी. भवन निर्माण और मानचित्र स्वीकृति के दौरान अलग-अलग विभागों में एनओसी के लिए लोगों को काफी समय लग जाता है.

विकास संवाद का मकसद सुधार करना- BDA उपाध्यक्ष

इसके अलावा, ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली और बीडीए के पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों पर भी सुझाव लिए जाएंगे. आर्किटेक्ट और तकनीकी प्रोफेशनल रोजाना इस व्यवस्था का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं और सुझावों से पोर्टल को ज्यादा उपयोगी बनाने में मदद मिल सकती है. इससे औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि विकास संवाद का मकसद सिर्फ समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए जरूरी सुधार करना है. प्राधिकरण ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए शहर के नियोजित विकास को गति देना चाहता है.

Follow Us