बरेली में आज से जमीन-मकान खरीदना महंगा! नए सर्किल रेट लागू; जानें कहां कितनी बढ़ी दर

बरेली में 1 सितंबर से नए सर्किल रेट लागू हो गए हैं, जिससे जमीन और मकान 5 से 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं. इससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री का शुल्क भी बढ़ गया है. 193 आपत्तियों के निस्तारण के बाद नए सर्किल रेट को अंतिम रूप दिया गया है. जानें कहां कितनी दरें बढ़ी हैं.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

बरेली में जमीन और संपत्ति खरीदने वालों की जेब पर अब ज्यादा बोझ पड़ेगा. जिले में मंगलवार यानी 1 सितंबर से नए सर्किल रेट लागू हो गए हैं. नई दरें इलाके की उपयोगिता, सड़क की चौड़ाई, बाजार मूल्य और बढ़ती आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं. कई इलाकों में 50% तक की बढ़ोतरी की गई हैं.

नई दरें लागू करने से पहले प्रशासन ने आम लोगों से आपत्तियां मांगी थीं. कुल 193 आपत्तियां मिलीं, जिनका निस्तारण करने के बाद नई सर्किल दरों पर अंतिम मुहर लगाई गई. प्रशासन ने 25 अगस्त तक नई दरों को लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी. सोमवार को बैनामे पुरानी सर्किल दरों पर ही किए गए, जबकि मंगलवार से नई दरें प्रभावी हो गईं.

पीलीभीत बाइपास और डोहरा रोड पर ज्यादा असर

नई दरों का सबसे ज्यादा असर उन क्षेत्रों में दिखाई देगा, जहां तेजी से आवासीय और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. पीलीभीत बाइपास, डोहरा रोड और औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े गांवों में कृषि भूमि की दरों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई है. डोहरा रोड और औद्योगिक कॉरिडोर के चयनित गांवों में कृषि भूमि की दर करीब 20 से 25 फीसदी तक बढ़ी है.

आंवला क्षेत्र में भी औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े गांवों की कृषि भूमि के रेट बढ़ाए गए हैं. भमोरा में करीब पांच फीसदी और अन्य चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में करीब 25 फीसदी तक वृद्धि हुई है. इसे जिले में प्रस्तावित बढ़ोतरी की सबसे ज्यादा दरों में माना जा रहा है.

वहीं, जोगियान में सर्किल रेट 33 हजार रुपये से बढ़ाकर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है. इसी तरह इटौआ बेनीराम, लालपुर और चंदपुर बिचपुरी में जमीन की दर 26 हजार रुपये से बढ़ाकर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक की गई है. इन इलाकों में जमीन खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा.

डीडीपुरम में सबसे ज्यादा 11 हजार रुपये की बढ़ोतरी

शहरी क्षेत्रों में भी नई दरों का असर साफ दिखाई देगा. सड़क की चौड़ाई और इलाके की स्थिति के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक जमीन के रेट बढ़ाए गए हैं. राजेंद्रनगर में करीब सात हजार, रेजीडेंसी गार्डन में पांच हजार, उदयपुर खास में छह हजार और प्रेमनगर में छह से आठ हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक की बढ़ोतरी की गई है.

एकतानगर में करीब आठ हजार, जनकपुरी में सात हजार और डीडीपुरम में सबसे ज्यादा 11 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक की वृद्धि हुई है. सिविल लाइंस क्षेत्र में भी करीब छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक रेट बढ़ाए गए हैं. सड़क जितनी चौड़ी है, उसके हिसाब से जमीन की दर भी अलग रखी गई है.

सदर से नवाबगंज और मीरगंज तक बढ़े रेट

सदर तहसील में गैर कृषि भूमि की दरों में उपयोगिता के आधार पर 20 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है. कृषि भूमि में 12 फीसदी तक, वाणिज्यिक एकल भूमि में 10 फीसदी और वाणिज्यिक भवन के कंपोजिट रेट में पांच फीसदी तक वृद्धि हुई है. निर्माण दर में भी करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है.

सदर द्वितीय क्षेत्र में अकृषक, कृषि और वाणिज्यिक एकल भूमि की दरों में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है. वाणिज्यिक भवन के कंपोजिट रेट में भी 16 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है. नवाबगंज में अकृषक और कृषि भूमि के रेट पांच से 20 फीसदी तक बढ़े हैं. वाणिज्यिक एकल भूमि की दर में औसतन 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

मीरगंज तहसील में कृषि और अकृषक भूमि की दरों में 10 से 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है. अन्य श्रेणी की भूमि भी 20 फीसदी महंगी हुई है. वहीं बहेड़ी तहसील में नए रोड सेगमेंट शामिल किए गए हैं. इनमें नारायण नगला पुल से गुरसैली, गन्ना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जाम सावंत जनूबी, देवरनिया रेलवे फाटक से मुड़िया बाजार और जहाबाद रोड सीमा तक के क्षेत्र शामिल हैं. इन क्षेत्रों में भूमि की दरों में करीब पांच से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है.

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