बिछाया मैट, करने लगे योगाभ्यास; बरेली से मौलाना रजवी का बड़ा संदेश; पूछा- इसका धर्म से क्या संबंध?
बरेली में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने योगाभ्यास किया. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं. इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि योग का किसी धर्म से संबंध नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए है. मौलाना रजवी ने इसे भारत की सदियों पुरानी परंपरा बताते हुए, सभी से, विशेषकर मुस्लिम समुदाय से, सांप्रदायिक सोच त्याग कर इसे अपनाने का आह्वान किया. उनका संदेश था कि योग तन और मन की शुद्धि का माध्यम है.
उत्तर प्रदेश के बरेली में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो देखते ही देखते देश में सुर्खियां बन गई. यह तस्वीर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की है. इसमें वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगासन करते नजर आ रहे हैं. यही नहीं, उन्होंने योग का समर्थन करते हुए कहा कि इसका किसी भी धर्म या मजहब से कोई संबंध नहीं है. इसलिए लोगों को इसे देखने से पहले सांप्रदायिक चश्मा उतार देना चाहिए.
मौलाना रजवी ने कहा कि योग का कनेक्शन इंसान की सेहत से है, उसकी मानसिक शांति और बेहतर जीवन से है. इसलिए इसे किसी धार्मिक प्रतीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. मौलाना रजवी रविवार की सुबह ग्रैंड मुफ्ती हाउस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे. यहां उन्होंने सबके साथ मिलकर योगाभ्यास किया. इस दौरान वह देश और दुनिया के तमाम मुस्लिमों को भी योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया.
भारत की पुरानी परंपरा है योग
कहा कि यह कोई आज की परंपरा नहीं है. सदियों से भारत में यह परंपरा चली आ रही है. मौलाना रजवी ने कहा कि इस परपंरा का उद्देश्य ही तन और मन को स्वस्थ रखना है. उन्होंने सूफी परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि हमारे में भी रूहानी साधना का विधान है. इसमें शारीरिक व्यायाम और आत्मिक शुद्धि तो कराई ही जाती है. वह भी तो योग ही है. इस मौके पर मौलाना रजवी ने उन लोगों पर निशाना साधा जो जो योग को धर्म विशेष से जोड़ने की कोशिश करते हैं.
गलत धारणा से बचने का संदेश
मौलाना रजवी ने कहा कि अक्सर लोग इतिहास की जानकारी ना होने पर गलत धारणा बना लेते हैं. इससे हमें बचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सूफी परंपराओं और योग के इतिहास का अध्ययन करें तो साफ हो जाता है कि यह केवल हमारे तन और मन को शुद्ध एवं स्वस्थ रखने के लिए है. इस मौके योगाभ्यास करने के लिए मौलाना रजवी के साथ मुस्लिम समाज के दर्जनों लोग भी पहुंचे और नियमवद्ध होकर योगाभ्यास किया.