बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेंगे झांसी-जालौन, UPEIDA ने बनाया मास्टर प्लान; दो फेज में होगा काम
यूपीडा ने 106.3 किमी लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का मास्टर प्लान तैयार किया है, जो बुंदेलखंड में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देगा. 5001.74 करोड़ की लागत से दो चरणों में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे झांसी-जालौन को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और बीड़ा से जोड़ेगा. इससे दिल्ली, लखनऊ से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्र में व्यापार-वाणिज्य व औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
बुंदेलखंड में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में यूपीडा ने बड़ी पहल की है. इस क्षेत्र के लिए यूपीडा ने 106.3 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा और इसे 2 पैकेज में तैयार किया जाएगा. अगले तीन साल में पूरी होने वाली इस परियोजना पर कुल लागत 5001.74 करोड़ रुपये अनुमानित है. इस हिसाब से प्रति किलोमीटर करीब 47.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक पहला पैकेज 50 किमी का है. वहीं दूसरे पैकेज की लंबाई 56.3 किमी रखी गई है. इसमें झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास क्षेत्र (बीडा) से जोड़ा जाएगा. इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. यूपीडा ने इन दोनों पैकेज के निविदा मांगी है. अधिकारियों के मुताबिक यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे झांसी, जालौन समेत पूरे बुंदेलखंड को हाईस्पीड रोड कनेक्टिविटी देगा. इससे क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी.
दूर नहीं होगी दिल्ली
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक झांसी के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ते ही यह वीरों की धरती राजधानी दिल्ली से कनेक्ट हो जाएगी. इसी प्रकार लखनऊ, आगरा और पूर्वांचल के जिलों से भी सीधा कनेक्शन स्थापित हो सकेगा. ऐसा होने पर पूरे प्रदेश में आवागमन तो आसान होगा ही, बुंदेलखंड के जिलों में भी दूसरे जिलों से व्यापार वाणिज्य को भी गति मिलेगी. इसके अलावा बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) और रक्षा औद्योगिक गलियारे (डिफेंस कॉरिडोर) के लिए एक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा.
63 गांवों से निकलेगा लिंक एक्सप्रेसवे
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक दिनों इस लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ड्रोन सर्वे कराया गया था. इस दौरान इस लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट पर 63 गांव चिन्हित किए गए थे. इन सभी गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक लागत में प्रति किलोमीटर के हिसाब से इस प्रोजेक्ट का यूपी के प्रमुख एक्सप्रेसवे में दूसरा स्थान है. सबसे महंगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे था. इस 91.35 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे को बनाने में प्रति किलोमीटर करीब 64 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
27 दिन में होगी जमीन खरीद
झांसी के गरौठा, टहरौली, मोंठ और सदर तहसील के 63 गांवों से होकर गुजरने वाले इस लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अधिकारियों के मुताबिक किसानों से सहमति बनाकर 27 दिन के अंदर जमीन की खरीद पूरी कर ली जाएगी. इस एक्सप्रेस-वे के लिए कुल 1232 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है. शासन ने जमीन खरीद व अधिग्रहण के लिए 15 जुलाई तक का समय निर्धारित किया है.