‘सारे गुंडे मिट्टी में मिलते जा रहे…’, फिर चर्चा में बरेली के कोतवाल, पहले भी हो चुके हैं लाइन हाजिर
बलिया के रसड़ा कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह का एक वीडियो वायरल है. वे मोहर्रम की शांति बैठक में अपराधियों को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि 'सारे गुंडे मिट्टी में मिलते जा रहे हैं. उन्होंने नए गुंडों को भी यही अंजाम भुगतने की बात कही. बेबाक बोलने के लिए वह पहले भी लाइन हाजिर हो चुका है.
बलिया के रसड़ा कोतवाली में मोहर्रम को लेकर आयोजित पीस कमेटी की बैठक के दौरान इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वह अपराधियों को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि ‘सारे गुंडे मिट्टी में मिलते जा रहे हैं. यह बयान शांति व्यवस्था पर दिया गया, लेकिन कोतवाल का यह अंदाज काफी चर्चा में है, जो पहले भी विवादों में रह चुके हैं.
बताया जा रहा है कि मोहर्रम को सकुशल संपन्न कराने को लेकर इलाके के लोगों के साथ इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह ने बैठक किया. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘गुंडागर्दी से आगे चलेंगे तो गुंडागर्दी नहीं चलेगी. सारे गुंडे मिट्टी में मिल गए और मिट्टी में मिलते चले जा रहे हैं. अब जो नए-नए गुंडे पैदा हों रहे हैं, वो भी मिट्टी में मिल जाएंगे.’ उनका यह वयान अब खूब चर्चा में है.
‘ताजिया जुलूस लेकर आगे चलने पर विवाद नहीं’
इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह यह सख्त चेतावनी धार्मिक जुलूसों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में दी. उन्होंंने यह भी कहा कि ताजिया निकालने के दौरान किसी तरीके का कोई भी विवाद बर्दाश्त नहीं होगा. कौन इसे आगे लेकर चलेगा कुरान में नहीं लिखा है. इसी तरह दुर्गा पूजा में भी आगे पीछे चलने को लेकर विवाद होता था अब यह सब खत्म हो चुका है.
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह विवादों में आए हों. कोतवाल अपने बेबाकी को लेकर पहले भी काफी चर्चा में रह चुके हैं और इसके लिए उन्हें लाइन हाजिर भी किया गया था. यह मामला जुलाई 2025 का है, जब बलिया शहर के कोतवाल रहते हुए उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं से विवाद हुआ था.
धरना पर बोले थे- धक्का नहीं, घसीटते हुए ले जाएंगे…
इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह और ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच 29 जुलाई 2025 को यह विवाद हुआ था. जब ABVP कार्यकर्ता निजी स्कूलों के मनमानी फीस वसूली और DM की अनदेखी के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए थे. इस दौरान योगेंद्र बहादुर सिंह ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई थी.
सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था. इसमें कोतवाल छात्रों को धमकी देते हैं कि ‘धक्का नहीं, घसीटते हुए ले जाएंगे.’ लेकिन इस बर्ताव से छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया. सभी धरने पर अड़े रहे. आखिरकार में दवाब बढ़ने पर एसपी ने उन्हे लाइन हाजिर किया. बाद में अगस्त 2025 में उन्हें रसड़ा कोतवाली का प्रभारी नियुक्त किया गया था.