बरेली में अगवा डेढ़ साल का मासूम बरामद, बच्चे का 60 हजार में किया था सौदा, उससे पहले पुलिस ने कर दिया हाफ एनकाउंटर
बरेली पु्लिस ने मनौना धाम से किडनैप हुए डेढ़ साल के मासूम को 48 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया है. बच्चे की बरामदगी के दौरान पुलिस की किडनैपर्स के साथ मुठभेड़ भी हुई. दोनों अपहरणकर्ताओं के पैर में गोली लगी है. घायल होने के बाद पुलिस ने दोनों किडनैपर्स को गिरफ्तार कर लिया है.
बरेली जिले के आंवला क्षेत्र स्थित मनौना श्याम मंदिर से 24 मई यानी रविवार को डेढ़ साल के मासूम ऋषभ का अपहरण किया गया था. पुलिस ने अब ऋषभ को सकुशल बरामद कर लिया है. इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें दोनों अपहरणकर्ताओं के पैर में गोली लगी है. बच्चे को सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया गया है.उसके सिर में हल्की चोट आई है.
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि ऋषभ अपने पिता रमन के साथ मंदिर परिसर में था. रमन मंदिर में सफाई का काम करते हैं. रविवार दोपहर अचानक बच्चा लापता हो गया. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मंदिर परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में दो संदिग्ध युवक बच्चे को ले जाते दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गईं.
हुलासी फाटक के पास पुलिस से किडनैपर्स की हुई मुठभेड़
मंगलवार यानी 26 मई की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक बाइक से बच्चे को लेकर अलीगंज रोड की तरफ जा रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी शुरू की. हुलासी फाटक के पास पुलिस टीम ने बाइक सवार युवकों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई और उनकी बाइक गिर गई. इसी दौरान बच्चा भी नीचे गिर पड़ा. लेकिन पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया.
BSC नर्सिंग का छात्र है एक किडनैपर
घायल आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर जिले के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धोपला करीम नगर निवासी योगेश और बदायूं जिले के ककराला कस्बे के रहने वाले पवन सिंह के रूप में हुई.योगेश शाहजहांपुर के एक मेडिकल कॉलेज में BSC नर्सिंग का छात्र बताया जा रहा है .वहीं, पवन सिंह वेल्डर का काम करता है और उसकी छवि पहले से अपराधी प्रवृत्ति की बताई जा रही है.मुठभेड़ में पुलिस के दीवान उमेश भी घायल हुए हैं.
बच्चे को देखकर माता-पिता खुशी से रो पड़े
बच्चे को तुरंत सीएचसी भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया. बच्चे के सिर में मामूली चोट होने की वजह से पट्टी की गई है. मासूम को सुरक्षित देखकर उसके माता-पिता उससे लिपटकर रो पड़े.मंदिर परिसर और गांव में भी बच्चे के सकुशल मिलने पर खुश का माहौल है. पूछताछ में पुलिस को बच्चा चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह की जानकारी मिली है. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है.अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.
60 हजार में होना था बच्चे का सौदा
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि यह गिरोह छोटे बच्चों को अगवा करके निसंतान दंपतियों को बेचने का काम करता था.गिरोह का सरगना लखीमपुर खीरी का रहने वाला बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना कर दी गई है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि योगेश की पहचान लखीमपुर खीरी निवासी सरगना से उस समय हुई थी, जब वह शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आया था.वहीं, दोनों के बीच संपर्क बढ़ा. बाद में सरगना ने योगेश को बच्चा चोरी के बदले मोटी रकम कमाने का लालच दिया.
6 महीने से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा बनाते है निशाना
योगेश ने अपने साथी पवन सिंह के साथ मिलकर योजना बनाई. सरगना ने छह महीने तक उम्र के बच्चे को लाने के बदले 60 हजार रुपये देने का वादा किया था. इसके बाद दोनों आरोपी करीब एक महीने तक बरेली और शाहजहांपुर के मेलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर रेकी करते रहे.कई बार कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए.
बच्चे लेकर इधर-उधर घूम रहे थे किडनैपर्स
आखिरकार उन्होंने मनौना श्याम मंदिर परिसर को निशाना बनाया और मौका देखकर डेढ़ साल के ऋषभ का अपहरण कर लिया. हालांकि जब उन्होंने सरगना को बताया कि बच्चा डेढ़ साल का है तो उसने उन्हें डांट लगाई.उसने कहा कि बड़ा बच्चा अपने असली मां-बाप को जल्दी नहीं भूलता और पहचान बता सकता है.इसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर लगातार जगह बदलते रहे ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके.