बरेली दंगे के लिए हथियार सप्लाई करने वाला गफ्फार खां गिरफ्तार, 8 महीने से चल रहा था फरार

26 सितंबर 2025 को आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में भारी बवाल हुआ था. मौलाना तौकीर रजा ने बड़ी संख्या में लोगों को जुटने के लिए कहा था. जुमा की नमाज के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव व फायरिंग हुई थी. इस दंगे में हथियार सप्लाई करने का आरोप तौकीर रजा के लिए करीबी गफ्फार खां पर लगा था. वह बरेली हिंसा के बाद से ही फरार था. अब पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है.

बरेली दंगे के लिए हथियार देने वाला गफ्फार गिरफ्तार Image Credit:

बरेली में साल 2025 में 26 सितंबर के दौरान हुए दंगों के दौरान हथियार सप्लाई करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी गफ्फार खां को बहेड़ी पुलिस ने उत्तराखंड के किच्छा से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की गिरफ्तारी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. इसमें पुलिस टीम उसे पकड़कर ले जाती दिखाई दे रही है. पुलिस के मुताबिक गफ्फार खां दंगों में इस्तेमाल होने वाले अवैध हथियारों की सप्लाई करता था और काफी समय से फरार चल रहा था.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए हैं. गफ्फार खां ने खुद को मौलाना तौकीर रजा का करीबी बताया है. आरोपी ने यह भी कबूल किया कि बरेली में साल 2010 जैसे दंगे दोबारा कराने की पूरी साजिश रची जा रही थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे.

पहले भी पकड़े जा चुके हैं आरोपी

दरअसल 19 फरवरी 2026 को बहेड़ी पुलिस ने तसलीम और सोमू खां उर्फ औशाफ को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला था कि वे पांच पिस्टल और 38 कारतूस किच्छा निवासी गफ्फार खां और उसके साथी शमी तक पहुंचाने जा रहे थे. पूछताछ में यह भी सामने आया था कि 26 सितंबर 2025 को बरेली में हुए दंगों में इस्तेमाल किए गए हथियारों की सप्लाई भी इसी गैंग ने की थी.

इसके बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी थी. अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. बुधवार दोपहर पुलिस ने रुद्रपुर-किच्छा रोड पर घेराबंदी कर गफ्फार खां को गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज

पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियार बेचने का काम करता था. पुलिस के मुताबिक गफ्फार खां पर उत्तराखंड और बरेली के कई थानों में मारपीट, धमकी, अवैध खनन, गैंगस्टर समेत करीब दस मुकदमे दर्ज हैं. आरोपी के खिलाफ पहले भी गुंडा एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है. गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे.

26 सितंबर 2025 के दंगे के बाद लगातार कार्रवाई

गौरतलब है कि 26 सितंबर 2025 को आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में भारी बवाल हुआ था. मौलाना तौकीर रजा ने बड़ी संख्या में लोगों को जुटने के लिए कहा था. जुमा की नमाज के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव व फायरिंग हुई थी. हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.

इस मामले में पुलिस ने तौकीर रजा समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे. पुलिस ने उन्हें दंगे का मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था. 26 सितंबर 2025 से तौकीर रजा फतेहगढ़ जेल में बंद हैं. अब हथियार सप्लाई करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

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