शुभेंदु के PA की हत्या में बड़ी मिस्टेक, एक जैसे नाम के चलते गलत राज सिंह को उठा ले गई थी पुलिस
शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या में कोलकाता पुलिस से बड़ी मिस्टेक की खबर सामने आ रही है. दरअसल, सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि कोलकाता पुलिस ने अयोध्या से जिस राज सिंह की गिरफ्तारी की थी, उसका इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है. एक ही जैसे नाम के चलते पुलिस ने गलत राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था.
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीएस चंद्रनाथ रथ के मर्डर केस में गिरफ्तार राज सिंह निर्दोष निकला है. इस मामले में पुलिस को बड़ी चूक सामने आई है. दरअसल, बंगाल पुलिस ने अयोध्या से जिस राज सिंह को गिरफ्तार किया था उसका इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं था. गलत पहचान के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, अब सच्चाई सामने आने के बाद उसे रिहा कर दिया गया है.
शुभेंदु अधिकारी के पीए के मर्डर केस में कोलकाता पुलिस ने बक्सर से विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान उन्होंने राज सिंह नाम के शख्स का जिक्र किया. ऐसे में कोलकाता पुलिस ने अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह नाम के एक शख्स को अरेस्ट कर लिया.
चौथी गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
इस बीच चंद्रनाथ मर्डर केस की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी गई. सीबीआई ने इस मामले में दो दिन पहले चौथी गिरफ्तारी की. सीबीआई ने मुजफ्फरनगर में छपार टोल प्लाजा से बलिया के रसड़ा के रहने वाले राजकुमार सिंह को अरेस्ट किया. इस गिरफ्तारी के बाद ही सामने आया कि पुलिस ने पहले जिस शख्स को अरेस्ट किया था उसका इस अपराध से कोई लेना देना नहीं. वह सिर्फ फेसबुक पर रील बनाने का काम करता था.
घटना की रात शादी में था राज सिंह
राज की मां जमवंती सिंह ने भी बताया कि उनका बेटा 7 मई को एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए उनके साथ लखनऊ गया था. वे शादी स्थल के पास एक गेस्ट हाउस में रुके थे. राज ने शादी में शिरकत की और आधी रात के करीब गेस्ट हाउस लौट आया. अगली सुबह हम अंबेडकर नगर के लिए रवाना हो गए. जब सीबीआई ने इस मामले की जांच की तो यह दावा सही पाया गया.
असली राज सिंह को कोर्ट में पेश किया गया
अब इस मामले में यह बात सामने आई है कि पुलिस को असल में राजकुमार सिंह को पकड़ना था. लेकिन नाम में समानता या गलतफहमी के दूसरे राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल, मिस्टेकन आइडेंटिटी के चलते असली राजकुमार सिंह को रिहा कर दिया गया है. वहीं, असली राज कुमार सिंह को कोर्ट में पेश कर दिया गया है.