खुद के घर के छत पर मिली 9 दिन पहले छुट्टी पर आए सेना के जवान की लाश, हादसा या साजिश?

बस्ती में 9 दिन पहले छुट्टी पर आए सेना के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इसकी सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया है. गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कोई हादसा है, मानसिक तनाव का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?

बस्ती में सेना की जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत Image Credit:

बस्ती जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आया है. सरहद पर देश के दुश्मनों के दांत खट्टे के करने वाला जवान अपने ही घर की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया. 9 दिन पहले लांस नायक शरद उपाध्याय छुट्टी लेकर घर आए हुए थे. परिवार में खुशियों का माहौल था. लेकिन अब संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है.

दुबौलिया थाना क्षेत्र के भनखरपुर गांव के शरद उपाध्याय राजस्थान के अलवर जिले में 412 यूनिट में लांस नायक के पद पर तैनात थे. हाल ही में वह छुट्टी लेकर घर आए थे. लेकिन किसे पता था कि यह छुट्टियां शरद की आखिरी छुट्टियां साबित होंगी. सोमवार यानी 16 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया.

गांव में तरह-तरह की चर्चाएं

शरद की मौत की खबर सुनते ही भारी संख्या में ग्रामीण उनके घर के बाहर जमा हो गए. अब शव मिलने की स्थिति पर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है. आखिर 9 दिन पहले छुट्टी पर आए एक फौजी की मौत उसके अपने ही घर की छत पर कैसे हो गई? क्या यह कोई हादसा है, मानसिक तनाव का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?

पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ

घटना की सूचना पाकर दुबौलिया थाना पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सच का होगा खुलासा

दुबौलिया थाने के प्रभारी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है. सेना के जवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है. हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है.

गांव में गम का माहौल

फौजी शरद उपाध्याय के निधन की खबर मिलते ही भनखरपुर सहित आस-पास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि शरद एक अनुशासित और मिलनसार व्यक्ति थे. देश सेवा का जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा था. उनकी इस असामयिक और संदिग्ध मौत ने न केवल उनके परिवार को भारी पीड़ा दी है, बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया है.

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