नौकरी का लालच देकर ऐंठता था पैसे, फेक नियुक्ति पत्र भी करता था जारी… बर्खास्त सिपाही निकला ठग

बस्ती में लोगों से नौकरी के दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला एक शख्स गिरफ्तार हुआ है. पुलिस जांच में यह ठग गाजीपुर का बर्खास्त सिपाही निकला. आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी करता था. फिलहाल, ठग के इस आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

बर्खास्त सिपाही निकला ठग Image Credit:

बस्ती में ठगी के एक सनसनीखेज खेल का पर्दाफाश हुआ है. थाना लालगंज पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है, जो पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर बेरोजगार युवाओं के सपनों का सौदा कर रहा था. आरोपी के खिलाफ अलग-अलग मामले में पहले से ही 6 मुकदमे दर्ज है. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

दरअसल, आरोपी अजय जयसवाल ने बस्ती में कुछ लोगों को नौकरी दिलाने की बात कही थी. इस दौरान आरोपी जब दोबारा उनसे बात करने पहुंचा था तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया. इसके बाद पीड़ित पक्ष ने वर्दीधारी शख्स का वीडियो बना लिया. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

फर्जी नियुक्ति पत्र भी करता था जारी

पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी पुलिसवाला है. वह गाजीपुर जनपद में तैनात था. उसे बर्खास्त कर दिया गया है. जांच में खुलासा हुआ है कि अजय जायसवाल न केवल युवाओं को झांसा देता था, बल्कि उन्हें विभाग के हूबहू दिखने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा देता था.

नए शिकार की तलाश कर रहा था आरोपी

नौकरी दिलाने के नाम पर अजय जयसवाल युवाओं हजारों रुपये की अवैध वसूली करता था. लालगंज सर्किल के डीएसपी कुलदीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने इस जालसाज को उस समय धर दबोचा जब वह किसी नए शिकार की तलाश में था. जब तक वह अपने मकसद में कामयाब होता आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आ गया और अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है.

आरोपी खुद को NSSO का अधिकारी बताता था

गिरफ्तार अभियुक्त अजय कुमार जायसवाल ने ठगी का एक ऐसा मायाजाल बुना था, जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए. वह खुद पुलिस की वर्दी पहनता था ताकि युवाओं को उस पर अटूट विश्वास हो जाए. आरोपी खुद को NSSO (National Sample Survey Office) विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था.

पुलिस इस एंगल पर भी कर रही जांच

डीएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख के बाद अभियुक्त पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस ‘ठगी के सिंडिकेट’ में अजय के साथ और कौन-कौन से सफेदपोश या साथी शामिल हैं.