ये कौन सी राजनीति? MP चंद्रशेखर के प्रतिनिधि ने CO को दी गोली मारने की धमकी, भड़का बवाल

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नगीना सांसद के प्रतिनिधि विवेक सेन और सीओ धामपुर के बीच मज़ार भूमि विवाद पर गर्मागर्म बहस हुई. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवेक सेन ने सीओ को गोली मारने की धमकी दी. बाद में सांसद चंद्रशेखर ने हस्तक्षेप कर शांति की अपील की, पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई जारी रखी. मजार पक्ष का आरोप है कि प्रशासन ने यह कार्रवाई देर रात बिना नोटिस के अंजाम दिया है.

बिजनौर में सांसद प्रतिनिधि ने सीओ को दी धमकी Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नगीना सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि विवेक सेन और धामपुर सीओ के बीच जमकर भिड़ंत हो गई. सांसद प्रतिनिधि ने तो सीओ को गोली मारने तक की धमकी दे डाली. वहीं फिर सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने उन्हें लताड़ लगाते हुए अनुशासन का पाठ पढाया. इसके बाद विवेक सेन ने सांसद चंद्रशेखर से वीडियो काल पर सीओ और इंस्पेक्टर धामपुर की बात भी कराई. मामला धामपुर स्थित नासिर बाबा की मजार से संबंधित जमीनी विवाद का है.

इस विवाद में शुक्रवार की देर रात प्रशासन ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के साथ बुलडोजर कार्रवाई की. प्रशासनिक टीम ने जेसीबी की सहायता से अतिक्रमण हटाया था. इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि विवेक सेन भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई.

सीओ से बहस फिर धमकी

इस दौरान विवेक सेन सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी से बहस करने लगे और इसी दौरान उन्होंने गोली मारने तक की धमकी दे दी. वहीं जब सीओ ने उन्हें हद में रहने की हिदायत दी तो विवेक सेन ने वीडियो कॉल पर सांसद चंद्रशेखर को अवगत कराया और फिर अधिकारियों से बात कराई. इस दौरान चंद्रशेखर ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की बात कही. हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई जारी रही.

बिना नोटिस तोड़फोड़ का आरोप

मजार पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पूर्व उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया. यदि भूमि संबंधी कोई विवाद था तो पहले संबंधित पक्ष को सूचना देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था. देर रात हुई कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई. बता दें कि मजार की भूमि को लेकर लगातार सीएम पोर्टल पर शिकायतें की जा रही थीं. स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्रों में भूमि निर्धारित सीमा से अधिक होने का आरोप लगाया गया था. राजस्व विभाग द्वारा कई बार जांच भी की गई है.

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