बीमा सखी योजना: 57000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार; हर महीने अलग से 7 हजार स्टाइपेंड
योगी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के लिए बीमा सखी योजना शुरू की है. इसके तहत प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों में एक-एक बीमा सखी तैयार करने का निर्णय है. बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को इसके लिए 7 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा, साथ ही बीमा पॉलिसी कराने पर उन्हें कमीशन भी मिलेगा.
योगी सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं. एलआईसी बीमा सखी योजना के जरिये ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने का फैसला किया है. इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षण और मासिक स्टाइपेंड के साथ पॉलिसी कराने पर कमीशन प्रदान किया जाएगा. यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी.
यूपी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप योजना शरू की गई है. चालू वित्तीय वर्ष (मार्च तक) में 5,000 नियुक्तिां होनी है. इसके बाद 2026-27 में 20,000 नई बीमा सखियों की नियुक्ति होगी. यूपी सरकार ने अगले तीन साल में 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक बीमा सखी तैयार करने का निर्णय लिया है.
पहले साल हर महीने दिया जाएगा 7 हजार स्टाइपेंड
दीपा रंजन ने बताया कि बीमा सखी योजना के लिए LIC, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया है. इसके तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर “बीमा सखी” के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो पंचायत स्तर पर बीमा उत्पादों का प्रचार-प्रसार, बिक्री और सेवा प्रदान कर रहीं हैं.
बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले साल हर महीने 7 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा, साथ ही बीमा पॉलिसी कराने पर उन्हें कमीशन भी मिलेगा. इसके अलावा दूसरे साल 6 हजार और तीसरे साल हर माह 5 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा. इसके अलावा डिजिटल उपकरण, नियमित मेंटरिंग और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है.
इस महीने तक 5,000 बीमा सखियों की होगी नियुक्ति
दीपा रंजन ने बताया कि इस महीने मार्च तक 5,000 बीमा सखियों की नियुक्ति होनी है. अब तक प्रदेश के 75 में से 65 जिलों से 3,397 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. इनमें से 672 महिलाओं ने 25 घंटे की ट्रेनिंग पूरी कर ली है. इसके अलावा 469 अभ्यर्थियों ने एनएसईआईटी परीक्षा पास कर ली है और उन्हें आधिकारिक रूप से बीमा सखी नियुक्त किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कियोजना की निगरानी के लिए मिशन डायरेक्टर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रही है. ब्लॉक और जिला स्तर पर अस्थायी एनएसईआईटी परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा. योजना में बीसी सखी, बैंक सखी और एफएल-सीआरपी जैसे कैडर को प्राथमिकता दी जा रही है.