‘अदिति के खिलाफ बीजेपी वालों ने बयानबाजी करवाई क्योंकि…’, डिंपल यादव ने बोला हमला

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपनी बेटी अदिति के खिलाफ ऑनलाइन घृणित अभियान पर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि अदिति के खिलाफ बीजेपी वालों ने बयानबाजी करवाई है. साथ ही इसे राम मंदिर के चंदा विवाद से भी जोड़ा है.

सांसद डिंपल यादव (फाइल फोटो) Image Credit:

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बवाल मचा है. अब इस मामले में सांसद डिंपल यादव और आदिति की मां की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि बेटियां के खिलाफ बीजेपी के लोगों ने यह घृणित कैंपेन चलाया है.

मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘मेरी बेटी के खिलाफ बीजेपी वालों ने बयानबाजी करवाई है. क्योंकि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भटकाने की कोशिश है. ये लोग आपको बरगला रहे हैं लेकिन हमें ध्यान नहीं भटकाना है.’ उन्होंने हाथरस और कानपुर में बेटियों के साथ हुए कई जघन्य घटनाएं गिनाए, जिसमें महिलाओं के साथ जुल्म ज्यादती हुई.

हाथरस में बेटी को जला दिया, ये लोग नहीं बोले

सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जब हाथरस में एक लड़की को जलाकर मार दिया जाता है, तो ये लोग सामने नहीं आते. जब कानपुर में एक लड़की के पिता को पुलिस स्टेशन में पीट-पीटकर मार दिया जाता है, तो क्या इन लोगों ने कुछ कहा? इसलिए ध्यान भटकाने की जरूरत नहीं है. सब्र के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें और PDA की लड़ाई को मजबूत करें.

अखिलेश यादव ने भी इसपर एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था ‘इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है’ इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम तो हम सहायता कर दें.’ वहीं, समाजवादी पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी इसपर आक्रोश जताया है.

CM योगी ने की कड़ी निंदा, दिया FIR के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बीते दिन इस प्रकरण की कड़ी निंदा की थी. सीएम योगी ने शनिवार को आजमगढ़ में इस मामले पर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि बेटी चाहें किसी की भी हो, बेटी बेटी होती है. उसका अपमान किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही इस मामले में पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया.

साथ ही अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपने लोगों को भी थोड़ा संस्कार सिखाने की जरूरत है. साथ ही चेतावनी भी दी कि अच्छा होगा कि उनको खुद समझा लो, नहीं तो हम तो समझा ही देंगे. वहीं, अस मामले में प्रयागराज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की है और मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई.

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