सपा विधायक ने शहीद के नाम का शिलापट तुड़वाया, पत्नी को धमकी; परिवार ने CM योगी को लिखा पत्र

गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक पर शहीद महेश कुशवाहा के प्रवेश द्वार से नामपट्ट हटाने और उनकी पत्नी को धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है. शहीद की पत्नी ने मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है. नायक महेश कुशवाहा 2019 में अनंतनाग में बलिदान दिया था.

समाजवादी पार्टी जंगीपुर विधायक डॉ वीरेंद्र यादव (फाइल फोटो) Image Credit:

राजनीतिक दल के नेता सैनिकों के शहादत के बाद उनकी शहादत के सम्मान में कई तरह की घोषणाएं करते हैं. लेकिन बात जब उन्हें सम्मान देने की आती है तो यही नेता उन्हें अपमानित करने से भी पीछे नहीं रहते. ऐसा ही मामला गाजीपुर के सदर कोतवाली इलाके के जैतपुरा गांव से आया है. जहां शहीद के नाम का शिलापट रातों-रात तुड़वा दिया गया.

2019 में अनंतनाग में शहीद हुए नायक महेश कुशवाहा के नाम का शिलापट गांव के ही प्रवेश द्वार पर ग्रामिणों की सहमति से लगाया गया था. लेकिन यह शिलापट समाजवादी पार्टी के विधायक को रास नहीं आया. वह रात में खुद खड़ा होकर उस शिलापट को तुड़वाया और फिर उसकी जगह पर संत गंगा दास बाबा प्रवेश द्वार का शिलापट लगवा दिया.

शहीद परिवार खुद के पैसे से लगवाया था शिलापट

इस घटना के बाद से शहीद परिवार में काफी गुस्सा है. गांव के लोगोंं का कहना है कि शहीद के शहादत के बाद सरकार ने उनके नाम पर प्रवेश द्वार, मूर्ति लगवाने की बात कही थी. साथ ही सरकारी नौकरी भी देने की बात हुई थी. लेकिन सरकार ने करीब 7- 8 साल बीत जाने के बाद भी शहीद के परिवार में मात्र उनकी विधवा पत्नी को ही नौकरी दे पाई.

इसके अलावा सड़क गेट या फिर मूर्ति लगाने की बात को एकदम से भूल गई. शहीद परिवार खुद अपने पैसे से शहीद की मूर्ति का निर्माण कराया और 12 जून शहादत दिवस पर अनावरण होना था. इसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन किन्हीं कारण बस केशव प्रसाद मौर्य नहीं आ पाए जिससे मूर्ति का अनावरण नहीं हो पाया.

वहीं, गांव के प्रवेश द्वार पर एक गेट जो साल 2006 का बना हुआ था, जिसपर किसी का भी नाम या पत्थर नहीं लगा था. गांव वालों ने गेट के ऊपर अमर शहीद महेश कुशवाहा का शिलापट लगा दिया. यह पत्थर करीब एक सप्ताह तक सही सलामत रहा लेकिन यह जंगीपुर के सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव जिनका निवास स्थान जैतपुरा गांव है उन्हें रास नहीं आ रहा था.

रातों-रात तोड़वाया शिलापट, फिर दूसरा लगवा दिया

सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने 8 जून की रात में अपने साथियों के साथ पहुंचकर उस पत्थर को तोड़वाया और फिर उसके एक-एक टुकड़े को अपने साथ अपनी गाड़ी में रखवा कर चलते बने. ताकि किसी को कुछ पता ना चले और फिर उसी रात में संत बाबा गंगा दास के नाम पर एक पत्थर लगवा दिया. इसकी जानकारी होते ही शहीद के परिवार को आहत हुआ.

शहीद परिवार इस संबंध में विधायक से बात करने के लिए उनके घर गए. लेकिन आरोप है कि विधायक ने इन्हें डराया धमकाया और जान से मारने की भी धमकी देते हुए भगा दिया. वहीं, अब शहीद के परिवार ने इस मामले में जिला अधिकारी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है.

सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव इसपर क्या कुछ बोले?

वहीं, सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से गलत बात है. वहां गेट उनके पिता कैलाश यादव जो तत्कालीन सरकार में मंत्री भी थे उन्होंने अपनी निधि से संत बाबा गंगादास के नाम पर बनवाया था. लेकिन काफी दिनों से रंगाई पुताई नही हुई थी, पिछले दिनों रंगा पुताई कराकर उनके नाम का पत्थर लगाया है.

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