चंदौली में स्ट्रीट लाइट परियोजना का लाखों का सामान गायब, काम ठप; CM को करना था उद्घाटन
चंदौली में PWD की स्ट्रीट लाइट परियोजना से लाखों रुपये की सामग्री गायब होने का मामला सामने आया है. नीलांबरी इंफ्रा ने अपने दो कर्मचारियों पर गबन का आरोप लगाया है. शिकायत के बावजूद दो महीने से पुलिस की कार्रवाई न होने से परियोजना ठप है, जिसका उद्घाटन सीएम योगी को करना था.
चंदौली में PWD की स्ट्रीट लाइट परियोजना से लाखों रुपये की सामग्री गायब होने का मामला सामने आया है. नीलांबरी इंफ्रा ने अपने दो कर्मचारियों पर गबन और मिलीभगत के लगाए गंभीर आरोप लगाए हैं. थाना स्तर से लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. इसके कारण दो महीने से परियोजना का काम ठप पड़ा है.
यह पूरा मामला मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कुटसेवा आश्रम परवाना में स्थापित PWD स्टोर का है. लगभग दो महीने पहले स्टोर से भारी मात्रा में कंपनी की सामग्री चोरी/ गबन हो गई. प्रारंभिक जांच में लगभग 55-70 लाख तक की सामग्री गायब है. इस परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करने वाले थे. लेकिन इसका काम ठप पड़ा है.
कंपनी का दो कर्मचारियों पर लगाया गबन का आरोप
PWD की स्ट्रीट लाइट परियोजना का काम नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत है. कंपनी के प्रतिनिधि उज्ज्वल चंदिरामणी ने थाने में इसको लेकर तहरीर दी है. शिकायतकर्ता ने दो महीने से काम ठप होने से शासन और विभाग की छवि प्रभावित होने की आशंका जताई है. साथ ही दोषियों पर कार्रवाई, जांच और सामान बरामदगी की मांग की.
कंपनी के प्रतिनिधि उज्ज्वल चंदिरामणी ने अपने दो कर्मचारियों पर गबन का आरोप लगाया है. कंपनी का कहना है कि चंद्रभान वर्मा निवासी कोटवा शुकुलपुर, प्रतापगढ़ और अनुभव शुक्ला निवासी जानकीपुरम विस्तार लखनऊ को साइट एवं सामग्री की निगरानी, सुरक्षा एवं लेखा- जोखा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन स्टोर से 55-70 लाख का सामान गायब मिला.
मुख्यमंत्री कार्यालय से दबाव, कंपनी काम करने मे असमर्थ
कंपनी का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि चंद्रभान वर्मा और अनुभव शुक्ला की मिलीभगत से कंपनी की सामग्री का सुनियोजित तरीके से चोरी किया गया है. घटना के संबंध में जलिलपुर चौकी और मुगलसराय थाना में लगभग दो माह पूर्व लिखित शिकायत और IGRS प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है. लेकिन अब तक कार्यवाही नहीं की गई.
उज्ज्वल चंदिरामणी का कहना है कि इस घटना के कारण परियोजना ठप हो चुका है. मुख्यमंत्री कार्यालय से परियोजना के शीघ्र उद्घाटन के लिए लगातार दबाव प्राप्त हो रहा है. लेकिन आवश्यक सामग्री उपलब्ध न होने के कारण कंपनी काम पूरा करने मे असमर्थ है. उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों पर कार्रवाई और सामान की बरामदी की मांग की है.