सीएम योगी का सख्त निर्देश- बिना गलती के कनेक्शन नहीं कटेगा, ओवरबिलिंग की जांच के समिटी गठित करने का निर्देश

सीएम योगी ने बिजली बिल को लेकर ओवरबिलिंग की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन कतई नहीं काटा जाएगा.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) Image Credit:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आए उपभोक्ताओं की शिकायतों को संज्ञान लिया है. गुरुवार को ऊर्जा विभाग की उच्स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है. अगर उसे समय पर सही बिल मिले तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता. मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन कतई नहीं काटा जाएगा.

स्मार्ट मीटरिंग पर उपभोक्ता विश्वास बहाल करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता के विश्वास के अनुरूप बनाना जरूरी है. शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और समस्याओं का तुरंत समाधान करें. टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पूरी तरह सक्रिय रहे और हर शिकायत का समयबद्ध निपटारा हो.

2026 में विद्युत उपभोक्ताओं में बढ़ोतरी

बैठक में सीएम योगी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2017 में जहां विद्युत उपभोक्ता 1.65 करोड़ थे, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है यानी 126 प्रतिशत की बढ़ोतरी. इसी दौरान विद्युत भार में 80 प्रतिशत और ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि हुई है. वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट और कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से ज्यादा है. घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं.

यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने की अनिवार्यता खत्म

हाल ही में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण केयर ने यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने की अनिवार्यता पूरी तरह खत्म कर दी गई है. अब सिर्फ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, लेकिन वे प्रीपेड हों या पोस्टपेड, ये फैसला लेने का अधिकार उपभोक्ताओं का होगा. यह फैसला उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है जो प्रीपेड मीटर में बिल रिचार्ज, टेक्निकल गड़बड़ी और बार-बार रीचार्ज की झंझट से परेशान थे. अब वे अपनी सुविधा के अनुसार मीटर का मोड चुन सकेंगे.

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