हेलो यूपी पुलिस! डॉक्टर गुटखा खाकर इलाज कर रहे हैं… इटावा अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा
इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक मरीज ने हंगामा खड़ा कर दिया. उसने डॉक्टर से गुटखा खाकर इलाज करने पर भिड़ गया. साथ ही डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली. पुलिस आई तो उससे भी उलझ गया. फिर से कॉल कर बोला- 'मौके पर आए पुलिसकर्मी डॉक्टर से मिले हुए हैं'
इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई. जब एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे एक युवक की डॉक्टर से तीखी बहस हो गई. युवक ने डॉक्टर पर गुटखा खाकर ड्यूटी करने का आरोप लगाया. साथ ही और इंजेक्शन लगाने से मना करने लगा. विवाद बढ़ने पर युवक ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली.
पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवक इंजेक्शन लगवाने को तैयार नहीं हुआ और पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया. करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी में हंगामा चलता रहा, जिससे वहां मौजूद मरीज और तीमारदार परेशान हो गए. बाद में पुलिस युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई. बताया जा रहा है कि युवक नशे में धूत था, उसको एक बंदर ने बाएं हाथ पर काट लिया था.
राजस्थान के खाटूश्याम का रहने वाला है युवक
जानकारी के अनुसार, युवक का नाम अशोक मीणा है, वह राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम का रहने वाला है. मीणा किसी काम से लखनऊ गए थे. वहां से ट्रेन के जरिए इटावा पहुंचे थे और उन्हें शाम करीब सवा चार बजे इटावा रेलवे स्टेशन से राजस्थान के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी. इसी दौरान स्टेशन के बाहर अचानक एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया.
घटना के बाद वह इलाज के लिए दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल पहुंचे और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए सीधे इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे. इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. राहुल बाबू से इंजेक्शन लगवाने को लेकर युवक की बहस हो गई. आरोप था कि डॉक्टर मसाला खाकर ड्यूटी कर रहे थे और उसने आपत्ति जताई तो इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया.
आरोप- डॉक्टर ने कहा कि जो करना है कर लो
युवक का कहना था कि डॉक्टर ने उससे कहा कि जो करना है कर लो. इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मामला बढ़ते-बढ़ते हंगामे में बदल गया. विवाद बढ़ने पर युवक ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुला लिया. सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे और मामले की जानकारी ली.
पुलिस ने डॉक्टर से बातचीत करने के बाद युवक को समझाया कि वह इंजेक्शन लगवाकर अपनी ट्रेन पकड़ ले. लेकिन युवक पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं हुआ. उसने यह कहते हुए इंजेक्शन लगवाने से इनकार कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का इंजेक्शन लगा सकते हैं. युवक का गुस्सा यहीं नहीं रुका और वह मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी उलझने लगा.
‘मौके पर आए पुलिसकर्मी डॉक्टर से मिले हुए हैं’
युवक ने दोबारा डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि मौके पर आए पुलिसकर्मी डॉक्टर से मिले हुए हैं और उसकी सही तरीके से मदद नहीं कर रहे हैं. सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मोतीझील चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और युवक को शांत कराने का प्रयास किया. जब वह नहीं माना तो थाने लेकर आ गए.
बताया जा रहा है कि युवक शराब के नशे में था. उसने करीब आधे घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा किया. इस दौरान वहां इलाज कराने आए अन्य मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान होते रहे. अस्पताल स्टाफ को भी स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इससे अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.