6 साल से बंद यह पैसेंजर ट्रेन अब फिर चलाई जाएगी, टाइमिंग को लेकर भी आया बड़ा अपडेट

नकहा जंगल-लखनऊ पैसेंजर अब 6 साल बाद फिर से चलने जा रही है. कोरोना के दस्तक देते ही एहतियातन कई ट्रेनों के साथ-साथ इसका भी परिचालन बंद कर दिया गया था. हालांकि, अन्य ट्रेनों के संचालन को बहाल कर दिया गया. लेकिन यह ट्रेन लंबे समय से बंद रही.

ट्रेन ( प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

साल 2020 में कोरोना के दस्तक देने के बाद नकहा जंगल-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन के संचालन को बंद कर दिया गया था. अब 6 सालों बाद इस ट्रेन को फिर से चलाने का फैसला लिया गया है. लेकिन इस ट्रेन का संचालन अब सिर्फ डॉलीगंज जंक्शन तक ही सीमित रहेगा. रेलवे बोर्ड ने भी इस ट्रेन के संचालन की मंजूरी दे दी है. पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से इसका शेड्यूल भी तैयार कर लिया गया है.

कोरोना से पहले यह ट्रेन नकहा जंगल से लखनऊ तक चलती थी, लेकिन अब डालीगंज तक ही सीमित कर दी गई है. नकहा जंगल-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन का संचालन दोबारा शुरू होने से कोलोनेलगंज, गोंडा, मनकापुर, बस्ती और आसपास के इलाकों के हजारों यात्रियों के लिए रोजाना लखनऊ आना-जाना बेहद सुविधा जनक हो जाएगा. खासकर नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को रेलवे के इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा.

ये है नकहा जंगल-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन का प्रस्तावित शेड्यूल

ट्रेन संख्या 55061 रात 11 बजकर 10 मिनट पर नकहा जंगल से निकलेगी और सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर डॉलीगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी. वापसी में ये ट्रेन गाड़ी 55062 बनकर शाम 5 बजकर 20 मिनट पर डॉलीगंज रेलवे से प्रस्थान करेगी और सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर नकहा जंगल स्टेशन पर पहुंचेगी. यह अनारक्षित पैसेंजर ट्रेन है, जो मुख्य रूप से ग्रामीण और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है.

रोजाना 1500 से 1700 यात्री करते थे सफर

पहले इस ट्रेन से रोजाना 1500 से 1700 यात्री सफर करते थे. कोरोना के दस्तक देने के बाद 22 मार्च 2020 को सभी पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ इसे भी निरस्त कर दिया गया था. उसके बाद अन्य ट्रेनें बहाल हो गईं, लेकिन यह ट्रेन लंबे समय से बंद रही. यात्रियों के साथ जनप्रतिनिधियों लंबे समय से इस ट्रेन के दोबारा संचालन की मांग कर रहे थे. ऐसे में रेलवे इस ट्रेन को दोबारा चलाने का विचार किया.

रेक और कोचों की व्यवस्था की जा रही है

रेलवे बोर्ड के निदेशक संजय आर. मनोचा ने 2 फरवरी को पत्र जारी कर ट्रेन बहाल करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने शेड्यूल तैयार कर और बोर्ड को भेजा था. अब इसे अंतिम मंजूरी मिल गई है. परिचालन विभाग अब ट्रेन की संचालन के लिए रेक और कोचों की व्यवस्था में जुट गया है. रेक मिलते ही ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा. इससे हजारों यात्रियों को फायदा होगा.