इटावा पुलिस लाइन में सिपाही की पत्नी की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव; मायके वाले बोले- हत्या
इटावा पुलिस लाइन में एक सिपाही की पत्नी की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई है. शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला है. परिजनों ने पति समेत ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर हत्या और लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि मृतका द्वारा पहले भी घरेलू हिंसा की शिकायत की गई थी.
इटावा जिले में पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में एक सिपाही की पत्नी की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. शव फंदे से लटका मिला, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, जबकि मृतका के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पति समेत ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
जानकारी के अनुसार, कोतवाली में तैनात 2018 बैच के सिपाही अमर प्रताप सिंह पुलिस लाइन के सरकारी आवास में अपनी पत्नी प्रियंका और करीब दो साल के बेटे शौर्य के साथ रहते थे. बुधवार को प्रियंका का शव आवास के अंदर फंदे से लटका मिला. आरोप है कि महिला को प्रताड़ित किया जा रहा था, उसने पति के खिलाफ थाने में शिकायत भी की थी.
प्रियंका ने अपने पति पर दर्ज कराया था मुकदमा
घटना का जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मैनपुरी से इटावा पहुंचे और उन्होंने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई. प्रियंका के भाई धर्मेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनकी बहन को लगातार प्रताड़ित किया जाता था. प्रियंका ने अपने पति के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था.
मृतका के पिता सुरेश चंद्र, निवासी कुरावली, जनपद मैनपुरी, ने सिविल लाइन थाने में लिखित तहरीर देकर पति अमर प्रताप सिंह, सास मुन्नी देवी, ससुर कृपाल सिंह, ननद प्रीति, सुधा और वंदना समेत अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. आरोप है कि उनकी बेटी की लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना करने के बाद हत्या कर दी गई.
‘प्रियंका के शव पर चोटों के निशान, हत्या हुई’
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. लेकिन परिजनों का दावा है कि प्रियंका के शव पर चोटों के निशान हैं. उनका आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मृतका के परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.