इटावा में आधी रात थाने पहुंची सपा, BJP सांसद समेत 5 लोगों के खिलाफ दी तहरीर
इटावा में समाजवादी पार्टी ने बीजेपी सांसद समेत पांच लोगों पर अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी और मानहानिकारक सामग्री फैलाने का आरोप लगाया है. सपा नेताओं ने थाने में तहरीर दी है. साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.
इटावा में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव के नेतृत्व में सोमवार देर रात साढ़े 12 बजे पार्टी के पदाधिकारी, नगर पालिका सभासद और कार्यकर्ता फ्रेंड्स कॉलोनी थाने पहुंचे. उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे समेत पांच लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की.
सपा नेताओं का आरोप है कि झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और अन्य लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कथित रूप से फर्जी अथवा संदिग्ध अकाउंट्स के माध्यम से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की है.
शीर्ष नेतृत्व की छवि धूमिल करने का प्रयास
तहरीर में कहा गया है कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी से जुड़े मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सुनियोजित तरीके से ऐसी पोस्ट साझा की गईं, जिनमें दावा किया गया कि मामले के आरोपी टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है.
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी पहचान के साथ संचालित किए जा रहे हैं. उनके जरिए पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना है कि इस तरह की पोस्ट से कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल रहा है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है.
‘…तो सपा प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी’
शिकायत में एक न्यूज चैनल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है. प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी. पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी.
फिलहाल फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.