नहीं रहे बीजेपी विधायक श्याम बिहारी लाल, कल मनाया था जन्मदिन और आज हार्ट अटैक से मौत
फरीदपुर से बीजेपी विधायक श्याम बिहारी लाल का दुखद निधन हो गया है. सर्किट हाउस में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. कल ही उनका जन्मदिन था. इस खबर से राजनीतिक गलियारों और क्षेत्र में शोक की लहर है.
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर विधानसभा से भाजपा विधायक और रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार को अचानक निधन हो गया. वह बरेली के सर्किट हाउस में भाजपा की एक मेटिंग में शामिल हुए थे. दोपहर के समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. सीने में तेज दर्द की शिकायत होते ही वहां मौजूद अफसरों और सहयोगियों में अफरा-तफरी मच गई. बिना देर किए उन्हें शहर के मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे बरेली जिले में शोक की लहर दौड़ गई.
डॉ. श्याम बिहारी लाल सरल स्वभाव के नेता माने जाते थे. फरीदपुर क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी. आम लोगों से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए वह जाने जाते थे. उनके अचानक चले जाने से लोग स्तब्ध हैं और किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है कि कल तक मुस्कराते नजर आने वाले विधायक अब हमारे बीच नहीं रहे.
बैठक के दौरान उठा सीने में दर्द, अस्पताल में तोड़ा दम
शुक्रवार दोपहर सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की एक बैठक चल रही थी. बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे. इसी दौरान डॉ. श्याम बिहारी लाल को अचानक सीने में तेज दर्द उठा. पहले तो उन्होंने इसे हल्के में लिया, लेकिन दर्द बढ़ता देख उनकी हालत बिगड़ने लगी. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डॉक्टरों को बुलाने और एंबुलेंस की व्यवस्था की.
उन्हें फौरन मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया. बताया गया कि डॉक्टरों ने सीपीआर समेत सभी जरूरी प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका. कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उनके निधन की पुष्टि कर दी. अस्पताल परिसर में मौजूद लोग गमगीन हो गए. यह खबर आग की तरह शहर और जिले में फैल गई.
जन्मदिन के अगले दिन हुआ निधन, क्षेत्र में गहरा शोक
सबसे दुखद बात यह रही कि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने एक दिन पहले ही अपना जन्मदिन मनाया था. गुरुवार को उनके समर्थकों और करीबियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं. किसी ने नहीं सोचा था कि अगले ही दिन ऐसी दुखद खबर सुनने को मिलेगी. वह फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार भाजपा के विधायक चुने गए थे. इसके साथ ही वह महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे.
राजनीति के साथ-साथ शिक्षा जगत में भी उनका सम्मान था. विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र उनके निधन से बेहद दुखी हैं. भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है. फरीदपुर क्षेत्र में लोग उनके घर और कार्यालय पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
बरेली और फरीदपुर के लोगों के लिए अपूरणीय क्षति
डॉ. श्याम बिहारी लाल के परिवार में उनकी पत्नी मंजूलता, दो बेटियां और एक बेटा हैं. एक बेटी बरेली में ही रक्षा संपदा अधिकारी के पद पर तैनात है. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जिले के कई वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना जताई. बरेली और फरीदपुर के लोगों के लिए यह अपूरणीय क्षति मानी जा रही है, जिसे लंबे समय तक भुला पाना मुश्किल होगा.