मेंहदी के रंग उतरने से पहले हैवान बना पति, शादी के 16वें दिन जिंदा जलाया; 9 साल बाद कोर्ट ने दी ये सजा
फतेहपुर अदालत ने दहेज के लिए शादी के 16वें दिन विवाहिता को जिंदा जलाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. नौ साल तक चली सुनवाई में पति और सास को उम्रकैद, जबकि जेठानी को तीन साल की सज़ा हुई है. यह घटना दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की गंभीर चुनौती को दर्शाती है. कोर्ट ने सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है.
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की जिला अदालत ने दहेज के लिए एक विवाहिता को जिंदा जलाने के मामले पति और सास को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं इस वारदात में सहयोगी रही जेठानी को तीन साल के कठोर कारावास का दंड दिया है. जिला अदालत में मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई. जहां अदालत ने नौ साल बाद सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई में आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया है. कोर्ट ने सभी दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
इस मामले में विवाहिता के ससुर भी आरोपी थी, लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान ही उनकी मौत हो गई. यह जानकारी शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि बांदा जिले में चिल्ला थाना क्षेत्र के पतारा निवासी राजनारायण तिवारी ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने अपनी तहरीर में बताया था कि उनकी प्रियंका उर्फ भारती की शादी 16 फरवरी 2017 को बड़े धूमधाम से हुई थी.
ससुराल आते शुरू हुआ उत्पीड़न
पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी में अपनी क्षमता से बढ़कर दहेज दिया था, लेकिन आरोपी ससुरालियों की डिमांड कम नहीं हुई. आरोपियों ने अगले ही दिन से उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. इसी क्रम में उसके दामाद ने 26 फरवरी को उनकी बेटी को कमरे में बंद कर मारपीट की. इसकी जानकारी उन्हें 2 मार्च को पड़ोसी द्वारा हुई. इस सूचना पर वह बेटी के ससुराल पहुंचे तो पता चला कि उनकी बेटी को जिंदा फूंक दिया गया है.
लाश छोड़कर फरार हो गए थे आरोपी
पीड़ित पिता के मुताबिक बेटी के ससुराल में उसकी जली लाश पड़ी थी. वहीं उसका पति रिंकू उर्फ रमेश, सास सास गार्गी, ससुर राजनरायन और जेठानी रानू फरार थे. उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और इन सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दी थी. इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार्जशीट पेश किया. इसके बाद कोर्ट में आधा दर्जन गवाहों के बयान हुए. इस दौरान कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी माना.