जान पर भारी पड़ी परंपरा! आए थे गंगा में दादा का अंतिम संस्कार करने, डूबने से खुद की हुई मौत
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर है. इससे कई डूबने की घटनाएं सामने आई हैं. दादा के अंतिम संस्कार के लिए आए युवक समेत कई लोगों की जान जा चुकी है. प्रशासन लगातार लोगों से तटों से दूर रहने की अपील कर रहा है, पर आस्था और रोमांच के चलते लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में गंगा अपने रौद्र रूप में हैं. हालात को देखते हुए प्रशासन लोगों से तट की ओर ना जाने की मुनादी कर रहा. लेकिन लोग आस्था और परंपरा के आगे विवश है. शनिवार को ही गाजीपुर के जमानिया क्षेत्र में अपने दादा के अंतिम संस्कार करने आए एक युवक की गंगा में डूबने से मौत हो गई. बिहार में कैमूर के रामगढ़ निवासी दिनेश ठठेरा यहां बड़ेसर गांव स्थित गंगा घाट पर अंतिम संस्कार के बाद गंगा में स्नान के लिए उतरा था. इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखों के सामने ही वह गंगा में समा गया और लोग देखते ही रह गए.
दिनेश को डूबते देख लोगों ने उसे बचाने की भी कोशिश की, लेकिन गंगा की तेज धारा के आगे किसी की एक ना चली. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने गोताखोरों को नदी में उतारा, लेकिन अब तक उसका शव नहीं मिला है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह कोई पहली घटना नहीं है. अभी छह दिन पहले ही करंडा थाना क्षेत्र के मौनी बाबा गंगा घाट पर दो सगी बहनें महिमा सिंह और माही सिंह भी गंगा में डूब गई थीं. दोनों स्नान करने के लिए नदी में उतरी थीं.
लोग रोमांच के लिए भी चुन रहे मौत
स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ लोग रोमांच के लिए भी मौत को चुन ले रहे हैं. शुक्रवार को मैनपुर गांव के भवानी माई घाट पर गांगी नदी में श्रमिक जितेंद्र बनवासी की डूबने से मौत हो गई. वह अपने साथियों के साथ स्नान करने के लिए नदी में उतरा था. सूचना मिलने पर उसकी काफी खोजबीन हुई, हालांकि घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर उसका शव बरामद हो गया. हालात को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से नदी के तट से दूर रहने की अपील कर रहा है.
खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा
इस समय गाजीपुर में गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. गंगा 63.620 मीटर तक पहुंच गई थीं, जो कि खतरे के निशान से काफी ऊपर है. हालांकि अब गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन नदी अभी भी डेंजर जोन से ऊपर बह रही है. प्रशासन लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा है कि गंगा आस्था का प्रतीक तो हैं, लेकिन इस समय उफनती गंगा से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है.