कौन था कमलेश चौधरी, जिसके एनकाउंटर के बाद खूब मच रहा बवाल, पुलिस पर भी हुआ पथराव?

होटल व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में पुलिस द्वारा मार गिराए गए आरोपी कमलेश चौधरी दर कोतवाली इलाके के गौशाबाद का रहने वाला था.वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके एक भाई की पत्नी गांव की प्रधान है. वहीं, दूसरा भाई किसी निजी कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्य करता है और तीसरा कमलेश था. शंकर पांडे और कमलेश की दोस्ती इलाके में बहुत मशहूर थी.

कमलेश चौधरी एनकाउंटर Image Credit:

गाजीपुर में होटल व्यवसायी के पुत्र के हत्या के बाद अभियुक्त शंकर पांडे कमलेश चौधरी सहित चार लोग नामजद और कुछ अज्ञात के नाम मुकदमा दर्ज किया गया था. इस घटना के बाद से ही गाजीपुर में पिछले 30 मई से ही एक अलग तरह का माहौल बना हुआ है . लोग खासकर व्यापारी वर्ग में कटरा गैंग का डर समा गया है. दरअसल, होटल व्यवसायी विनीत राय से भी पहले पहले रंगदारी मांगी, फिर हत्या कर दी थी.

इस हत्याकांड में कमलेश चौधरी का भी नाम सामने आया था. पुलिस ने 3 जून को एनकाउंटर के दौरान उसे मार गिराया. इस दौरान जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाने लगा तो ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया. अब पुलिस ने इसको लेकर 60 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.

कौन था कमलेश चौधरी?

कमलेश चौधरी सदर कोतवाली इलाके के गौशाबाद का रहने वाला था. वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके एक भाई की पत्नी गांव की प्रधान है. वहीं, दूसरा भाई किसी निजी कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्य करता है. और तीसरा कमलेश था . कमलेश चौधरी और कटरा गैंग का मुख्य सरगना शंकर पांडे की दोस्ती काफी सालों से थी और कहें तो एक तरह से पारिवारिक थी.

ऐसे कमलेश चौधरी की शंकर पांडे से हुई ती दोस्ती

शंकर पांडे के पिता हीरोइन तस्करी में कोलकाता में आजीवन कारावास हुई तो कमलेश चौधरी और उसके परिवार के लोगों ने शंकर पांडे की आर्थिक रूप से मदद की. यहीं से दोनों की दोस्ती मजबूत हो गई. 10 से 12 साल पहले शंकर पांडे और कमलेश चौधरी का गैंग फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बैठता था. उसके पास ही एक कटरे का निर्माण हो रहा था. इसी पर इन लोगों ने अपने गिरोह को कटरा गैंग का नाम दे दिया. इस गैंग में सैकड़ों बेरोजगार युवक शामिल हो गए.

व्हाट्सएप के जरिए चलाते थे गैंग

कटरा गैंग के सभी युवा के एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े होते थे. और उनके सदस्यों के साथ कहीं भी किसी भी तरह का समस्या आती थी तब यह लोग उस ग्रुप में अपना मैसेज छोड़ते थे . बाकी साथी फिर बताए हुए लोकेशन पर पहुंचकर लोगों से मारपीट करना, धमकी देन और गोलीबारी तक का काम करते थे. कमलेश चौधरी के ऊपर पुलिस के रिकॉर्ड में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं. हालांकि, कइयों का कहना है कि उसके कई अपराध ऐसे हैं, जो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हैं. शंकर पांडे के साथ भी ऐसा ही था.

मृतक के पिता का आरोप- कटरा गैंग की पुलिस से थी सांठगांठ

मृतक विनीत राय के पिता आलोक राय ने भी बताया कि शंकर पांडे और पुलिस की साठगांठ चलती थी. यह गैंग कोतवाली पुलिस के साथ ही अन्य तमाम बड़े पुलिस अधिकारियों को भी समय-समय पर मदद करती थी. उसके बदले पुलिस इस गैंग का संरक्षण करती थी. ऐसे में इनके कई अपराधों का जिक्र पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिलता. हालांकि, आम लोग इसको लेकर दबी जुबान में जरूर बात करते हैं.

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