ग्रेटर नोएडा में तीसरी मंजिल से गिरा मासूम, इलाज में देरी से तोड़ा दम; अस्पताल पर पहले पैसे मांगने का आरोप
ग्रेटर नोएडा में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां इलाज में देरी होने से ढाई साल के मासूम ने अपना दम तोड़ दिया. बच्चा तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हो गया था. परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल ने इलाज शुरू करने से पहले पैसे मांगे, जिससे समय बर्बाद हुआ और बच्चे को गंवाना पड़ा.
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कस्बे में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हुए ढाई साल के मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में इलाज शुरू करने से पहले पैसे जमा करने की मांग की गई. इसी बीच बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ और बच्चे ने अपने माता-पिता के सामने दम तोड़ दिया.
इस घटना के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए. जानकारी के अनुसार मृतक मासूम की पहचान ढाई वर्षीय गगन के रूप में हुई है. गगन के पिता अशोक मूल रूप से हमीरपुर के रहने वाले हैं और सूरजपुर कस्बे में किराए के मकान में रहकर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं.
ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल की घटना
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को अशोक अपने बेटे को साथ लेकर उसे निर्माणधीन मकान में गए थे जहां वह काम कर रहे थे. इसी दौरान खेलते-खेलते मासूम गगन तीसरी मंजिल के पास से अचानक नीचे गिर गया. बच्चों के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई. घटना के तुरंत बाद परिजन ने गंभीर रूप से घायल बच्चे को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे.
डॉक्टर ने बच्चों की हालत बेहद गंभीर बताते हुए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन घायल गगन को ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल लेकर पहुंचे और डॉक्टर से तुरंत इलाज शुरू करने की गुहार लगाई. लेकिन डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने से पहले पैसे जमा करने की बात कही. परिजनों ने गुहार लगाई कि इलाज शुरू कीजिए, पैसे इंतजाम हो जाएंगे.
परिजनों ने पोस्टमार्ट कराने से कर दिया इनकार
आरोप है कि पैसे के कारण काफी देर तक बच्चे को प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया, इसी दौरान बच्चों की हालत लगातार बिगड़ गई और बच्चे ने अपने मां-बाप के सामने दम तोड़ दिया. बच्चें की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी.
हंगामा की सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई. किसी तरह पुलिस ने परिजनों को समझ कर मामला शांत कराया. पुलिस बच्चे का पोस्टमार्टम करना चाहती थी लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव बच्चों की परिजनों को सौंप दिया.
अभी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है- थाना प्रभारी
थाना प्रभारी नॉलेज पार्क ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर बनी हुई थी, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. थाना प्रभारी ने आगे बताया कि पीड़ित परिजनों की तरफ से अभी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.