बिजनौर: सुपारी देकर दोस्त ने कराया डॉ. राजकुमार का मर्डर, ढाई लाख दिए थे एडवांस; शूटर समेत 3 अरेस्ट

बिजनौर के नगीना में डॉ. राजकुमार हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के चलते अपने दोस्त ने ही डॉ. राजकुमार की हत्या करा दी. उसने दस लाख की सुपारी दी थी, इसमें हत्या से पहले ढाई लाख एडवांस दी गई थी. पुलिस ने शूटर सहित तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है.

डॉ. राजकुमार की हत्या का खुलासा, सुपारी देकर दोस्त ने कराया मर्डर Image Credit:

बिजनौर के नगीना में डाक्टर राजकुमार की उनके अस्पताल में निर्मम हत्या कर दी गई थी. आरोपी ने डाक्टर के केबिन में धुसकर पहले चाकू से कई वार किए, फिर सीने में गोली मारी थी. वहीं, पुलिस ने हत्या में आरोपी शूटर सहित तीन लोगों को अरेस्ट किया है. साथ ही खुलासा किया कि राजकुमार की हत्या उनके ही डॉक्टर दोस्त ने सुपारी देकर कराई है.

बिजनौर के एसएसपी अभिषेक झा ने कहा कि हास्पिटल में मारने वाले शूटर विकास उर्फ छोटू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि डाक्टर राजकुमार की हत्या उनके ही दोस्त डॉ. नीरज ने दस लाख की सुपारी देकर तय करके करायी है. डॉ. नीरज ने राजकुमार को अपने रास्ते से हटाने के लिए शूटर को एडवांस के तौर पर ढाई लाख रुपये दिए थे.

दोनों ने पार्टनरशिप में खोला था हास्पिटल लेकिन…

डॉक्टर नीरज और डॉ. राजकुमार साल 2018 में गाजियाबाद के यथार्थ हास्पिटल में प्रेक्टिस करते थे, दोनों में गहरी दोस्ती थी. डा. नीरज मूल रुप से धामपुर के रहने वाले हैं, इसलिए 2022 में दोनों ने पार्टनरशिप में बिजनौर के नगीना धामपुर रोड पर सुमित्रा नर्सिंग होम नाम से हास्पिटल खोला था, हास्पिटल बनाने के लिए डॉ. नीरज ने अपनी गारंटी पर लोन लिया.

लोन की रकम से सुमित्रा नर्सिंग होम की बिल्डिंग बनाई गई. लेकिन डेढ साल बाद ही डॉक्टर राजकुमार अलग हो कर अपना नर्सिंग होम शिवालय हेल्थकेयर के नाम से नगीना धामपुर रोड पर ही बना लिया. दोनों के हास्पिटल एक ही रोड पर होने से आपस में कम्पटीशन होने लगा. डा. राजकुमार की प्रेक्टिस अच्छी चलने से सुमित्रा नर्सिंग होम में मरीज कम पहुंचने लगे.

अपने गांव के रहने वाले से 10 लाख रुपये में की डील

जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. नीरज पर बैंक लोन था उसकी किस्ते भी जमा होने में मुश्किल हो रही थी. साथ ही वह और डॉ. राजकुमार के अपना हास्पिटल बनाने से नाराज चल रहे थे. इसीलिए, डॉ. नीरज ने अपने गांव के निवासी विकास उर्फ छोटू जो कभी कभार उनकी गाड़ी चलाने का काम भी करता था, उससे डॉ. राजकुमार को जान से मरवाने की बात की.

शूटर विकास के मुताबिक, 10 लाख रुपये में डॉ. राजकुमार का काम तमाम करने का सौदा हुआ. और एडवांस में ढाई लाख रुपये लिये थे. साथ ही डॉ. नीरज के ही मिलने वाले युवक राजन से 315बोर का तंमचा लिया था. इसके बाद 5 मार्च को पौने सात बजे वह डा. राजकुमार के क्लीनिक पर पर्चा दिखाने के पहुंचा. और फिर उन्हें गोली मार कर फरार हो गया था.

उम्मीद थी डॉक्टर की तलाकशुदा पत्नी पर होगा शक

विकास ने यह भी बताया कि डॉक्टर राजकुमार गाजियाबाद का रहने वाला था, उसका अपनी पत्नी से डाइवोर्स हो चुका था. डॉ. नीरज को उम्मीद थी कि डॉक्टर राजकुमार की हत्या का शक उसकी तलाकशुदा पत्नी और उसके परिजनों पर जायेगा. लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में कैप्चर हो जाने की वजह से उसे पकड़ लिया.

पुलिस ने डॉक्टर राजकुमार की हत्या मामले में जांच पड़ताल के लिए पांच टीमें गठित की थी. मामले में पुलिस ने शूटर विकास, डॉ. नीरज और तमंचा देने वाले राजन को गिरफ्तार किया. विकास के पास से तमंचा और सुपारी के एडवांस रकम ढाई लाख में से दो लाख बीस हजार रुपये बरामद किए थे. साथ ही तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया.