गैस संकट से हनुमान जयंती के आयोजन पड़े फीके, भंडारों की परंपरा टूटी; लखनऊ से बरेली तक असर
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीधा असर देश पर पड़ा है. गैस किल्लत से हनुमान जयंती के आयोजन भी फिके पड़ गए. लखनऊ और बरेली में हनुमान जयंती के अवसर पर भंडारों की पारंपरा टूटी है. गैस सिलेंडर की कमी के कारण अधिकांश स्थानों पर भंडारे रद्द हो गए.
अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति बाधित हुई है. खासकर कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस की भारी किल्लत है. वहीं, गैस की कमी और बढ़ते दामों के कारण हनुमान जयंती के आयोजनों पर गहरा असर पड़ा है. लखनऊ से लेकर बरेली, अयोध्या तक, परंपरागत भंडारे या तो रद्द कर दिए गए, या सीमित कर दिया गया है.
राजधानी लखनऊ में हर साल हनुमान जयंती के अवसर पर सैकड़ो भंडारे लगते थे. हनुमान चालीसा सुंदरकांड पाठ सहित पूजन होता था. लेकिन गैस की कमी की वजह से पर्याप्त संख्या में भंडारों के लिए सिलेंडर लोगों को नहीं मिल पाया. आलम ये रहा कि भंडारों की संख्या बहुत सीमित थी. इक्का-दुक्का जगह छोड़कर कहीं भी भंडारे का कार्यक्रम नजर नहीं आया.
200 साल पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर में भंडारा नहीं
वहीं, बरेली में हनुमान जन्मोत्सव पर गैस संकट का असर साफ देखने को मिला. हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार काफी फीका रहा. बरेली जंक्शन के पास स्थित करीब 200 साल पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर में इस बार भक्तों की ओर से भंडारा लगभग न के बराबर हुआ. इस बार गैस की किल्लत के कारण भंडारे की परंपरा टूटती नजर आई.
हनुमान जन्मोत्सव पर जहां हर साल हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते थे और बड़े स्तर पर भंडारे आयोजित होते थे, वहीं इस बार गैस की किल्लत के कारण भंडारे की व्यवस्था लगभग नहीं दिखी. केवल पुलिस की ओर से बरेली पुलिस रेंज के डीआईजी अजय साहनी द्वारा एक भंडारा कराया गया था. मंदिर के महंत ने भंडारा न कराने को लेकर खेद जताया है.
अयोध्या धाम में संकटमोचन हनुमान मंदिर पर भी असर
मंदिर के महंत ने बताया, हमने हनुमान बाबा के जन्मोत्सव पर प्रसाद बनाने के लिए किसी तरह ब्लैक में 2000 रुपये में एक गैस सिलेंडर खरीदा. उससे थोड़ा बहुत प्रसाद तो बन पाया, लेकिन भंडारा नहीं हो सका. उन्होंने आगे कहा कि हर साल यहां हजारों लोग भंडारा करते थे, लेकिन इस बार गैस की कमी की वजह से कोई व्यवस्था नहीं हो पाई.
महंत ने यह भी बताया कि कई श्रद्धालु आए, लेकिन सभी ने यही कहा कि गैस न मिलने के कारण वे भंडारा नहीं करा पा रहे हैं. इसके अलावा, अयोध्या धाम में संकटमोचन हनुमान मंदिर और अन्य स्थानों पर रामनवमी के बाद हनुमान जयंती के भंडारे गैस की कमी के कारण स्थगित या सीमित करने पड़े हैं, अन्य कई जिलों में भी इस बार परंपराएं प्रभावित होती नजर आईं.