‘कहीं लौट ना जाए बेटी की बारात…’ PM की अपील पर ये क्या बोल गए BJP विधायक
पीएम मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील पर हरदोई के बीजेपी विधायक का सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गया है. विधायक ने अपने बेटे की शादी में गहनों को लेकर अपनी चिंता जताई, कहा कि बिना गहनों के बारात लौट जाने का डर है. यह पोस्ट सामाजिक परंपराओं के दबाव और पीएम की अपील के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है, जिस पर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है.
पीएम मोदी के एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील पर एक तरफ पूरी बीजेपी देश भर में मीटिंग कर रही है, लोगों को प्रधानमंत्री की सलाह मानने के लिए समझा रही है, वहीं हरदोई में पार्टी के एक विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया पर अपने मन की बात कह दी है. उन्होंने लिखा है कि दिसंबर में ही बेटे की शादी है. डर है कि कहीं बिना गहनों के बारात वापस न लौटा दी जाए. हालांकि यह डर केवल बीजेपी विधायक का नहीं, बल्कि देश के उन तमाम लोगों के मन में भी है, जिनके घर में बेटे या बेटी की शादी होनी है.
विधाकय का यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया. इसके बाद शायद पार्टी ने उन्हें समझाया, इसके बाद विधायक ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी. लेकिन इतने समय में कई लोगों ने इस पोस्ट का स्क्रीन शॉट ले लिया था और अब अब यह स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस स्क्रीन शॉट पर आम यूजर तो तंज कस ही रहे हैं, सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है. मीडिया ने इस संबंध में विधायक से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन वह बयान देने से बचते नजर आए.
सामाजिक परंपराओं का दबाव
दरअसल हर देशवासी चाहता तो है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के साथ चला जाए, सोना न खरीदकर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए, लेकिन सामाजिक परंपराओं के दबाव में कोई भी व्यक्ति ऐसा कर पाने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में बीजेपी विधायक की बात को हर व्यक्ति अपना दर्द मानकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहा है. इसका सीधा असर यूपी की राजनीति पर भी देखा जा रहा है. विधायक के इस पोस्ट के स्क्रीन शॉट ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है.
दिसंबर में ही है शादी
जैसा कि विधायक की पोस्ट से ही जाहिर हो रहा है, दिसंबर में ही उनके बेटे की शादी होनी है. इस शादी में जेवर बनाने की जिम्मेदारी दूल्हा पक्ष यानी विधायक को मिली है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ पीएम ने गहने खरीदने से मना किया है, तो बीजेपी के ही विधायक कैसे पीएम की अपील के खिलाफ चले जाएं. उनका यही दर्द सोशल मीडिया में भी झलक रहा है. बल्कि उन्होंने साफ तौर पर लिख भी दिया है कि कहीं बारात ना लौटा दी जाए.
चुटकी ले रहा विपक्ष
कई लोग विधायक की इस पोस्ट को भारतीय समाज की उस सच्चाई से जोड़कर देख रहे हैं. ऐसी सच्चाई जिसमें शादी-ब्याह में गहनों और दिखावे का दबाव आज भी बना हुआ है. वहीं विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे सरकार की अपील और जमीनी हकीकत के बीच का विरोधाभास बताते हुए तंज कसना शुरू कर दिया. यही वजह है कि पोस्ट डिलीट करने के बाद भी लोग स्क्रीन शॉट वायरल कर रहे हैं.