फिर विवादों में IAS रिंकू राही, BJP ब्लॉक प्रमुख को जड़े थप्पड़; CCTV आया सामने

जालौन में तैनात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही एक बार फिर विवादों में हैं. उन पर भाजपा के ब्लॉक प्रमुख को निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने और धक्का-मुक्की करने का आरोप है. घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. जिलाधिकारी ने मामले मे पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है.

आईएएस रिंकू सिंह राही विवाद फिर विवादों में Image Credit:

जालौन में तैनात IAS अधिकारी एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इस बार बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख को निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, इस मामले का कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

जालौन बीजेपी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने IAS रिंकू सिंह राही पर यह आरोप लगाया है. साथ ही जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं.

कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण करने पहुंचे थे रिंकू राही

ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने पत्रकारों को बताया कि 23 जून को IAS रिंकू सिंह राही बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उनके अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारी सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर रहे थे. इसी बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने स्टाफ से सभी जरूरी दस्तावेज महज ढाई मिनट के भीतर प्रस्तुत करने को कहा.

ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि स्टोरेज के मैनेजर ने अधिकारियों से कुछ अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, क्योंकि सभी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराना संभव नहीं था. उनका कहना है कि इसी दौरान जब वह खुद मौके पर पहुंचे तो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने थप्पड़ मारने का प्रयास किया.

थप्पड़ गाल के बजाय हाथ पर लगा- ब्लॉक प्रमुख

हालांकि, ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि थप्पड़ उनके गाल के बजाय हाथ पर लगा. इसके बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई. रामराजा निरंजन ने दावा किया कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है. उन्होंने पत्रकारों के सामने सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किया और कहा कि यही फुटेज जिलाधिकारी को साक्ष्य के रूप में दिया गया है.

उनका आरोप है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी का इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की गरिमा के अनुरूप नहीं है. घटना के सामने आने के बाद जिले के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक हलकों में भी नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है. वहीं, रिंकू राही इससे पहले भी व्यापारियों के साथ विवाद को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं.

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