जौनपुर में ‘लुटेरी पुलिस’! क्राइम ब्रांच बनकर युवकों को उठाया, थाने में कराया लाखों का ट्रांजेक्शन
जौनपुर में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं. क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताकर सिविल ड्रेस में युवकों को उठाया गया और थाने में टॉर्चर कर लाखों रुपये वसूले गए. मामले में FIR दर्ज होने के बाद से सुरेरी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह फरार और निलंबित हैं.
जौनपुर में क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताकर निर्दोष लोगों को जबरन उठाने, थाने में ले जाकर धमकाने और ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है. डीआईजी के निर्देश पर मामले में चार पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. वहीं, सुरेरी थाने प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह फरार हैं. एसएसपी ने उन्हें संस्पेंड कर दिया है.
जौनपुर के विजय राजभर और वाराणसी जिले के सुशील पांडे को सुरेरी थाने में ले जाकर लाखों रुपए की लूट हुई है. जलालपुर और सुरेरी थाने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है. आरोप है कि जौनपुर के विजय राजभर को दुकान से जबरन उठाया गया, फिर सुरेरी थाने ले जाकर पहले टॉर्चर किया और फोन से 2 लाख 12 हजार रुपये ट्रांजेक्शन करवा लिए.
झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी
विजय राजभर जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर सोइरी के रहने वाले है. विजय की सोइरी बाजार में जूते चप्पल और कपड़े की दुकान है. विजय का आरोप है कि 15 सितंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग उसके पास पहुंचे. सभी सिविल ड्रेस में थे, और खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताया गया.
कथित पुलिसकर्मियों ने सुरेरी थाने ले जाकर वहां उसे किचन रूम में रखा. पुलिसकर्मियों द्वारा तीन लाख रुपये की मांग की. पैसे न देने पर उसे झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने और पैर में गोली मारने की धमकी दी गईं. साथ ही मारपीट के बाद उसका फोन कब्जे में लेकर फोन पे ऐप का पासवर्ड पूंछा गया. इसके बाद उसके खाते से कई ट्रांजेक्शन किए गए.
यहीं नहीं आरोप है कि ऑनलाइन ट्रांसफर की पूरी होने पर घर फोन करके ATM कार्ड मंगवाया गया. फिर पुलिसकर्मियों ने एटीएम कार्ड के जरिए 50-50 हजार रु दो बार ट्रांसफर कराए. पीड़ित विजय राजभर द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, इसी तरह विभिन्न खातों के जरिए पुलिसकर्मियों ने 2 लाख 12 हजार रुपये उससे वसूल लिए.
वाराणसी के सुशील पाण्डेय के साथ भी लूट
इसी तरह क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर वाराणसी के सुशील पाण्डेय को उठाने और जबरन खाते में पैसे ट्रांसफर कराने का दूसरा मामला भी सामने आया है. आरोप है कि 13 सितंबर को उन्हें वाराणसी से कुछ लोग कार में भरकर सुरेरी थाने ले गए थे. जहां उनके साथ मारपीट की गई, खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए गए.
आरोप है कि कथित पुलिसकर्मियों ने सुशील पाण्डेय के हाथ में तमंचा देकर वीडियो बनाया और सादे कागज पर सिग्नेचर कराया था. दोनों पीड़ितों ने वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण से शिकायत की. डीआईजी के आदेश पर विजय राजभर की तहरीर पर जलालपुर थाने में दो नामजद और 4 अज्ञात के ख़िलाफ़ केस दर्ज दर्ज हुआ.
दोनों घटनाओं में समान आरोप, इंस्पेक्टर फरार
केस दर्ज होने के अगले दिन 2025 बैच के पुलिसकर्मी अभिषेक सिंह ने सुरेरी थाना परिसर में ही संदिग्ध परिस्थियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह फरार हो गए. वहीं, दिव्य प्रकाश सिंह के फरार होने के बाद जौनपुर के एसएसपी ने उसे निलंबित कर दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.