अखिलेश दुबे के करीबियों पर गिरी गाज, 4 इंस्पेक्टर और 2 दारोगा सस्पेंड; तीन ASP को भी नोटिस

जेल में बंद वकील अखिलेश दुबे मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. चार इंस्पेक्टर और दो दारोगा को निलंबित किया गया है. इन सभी पर अखिलेश दुबे गैंग की मदद करने का आरोप है. अखिलेश दुबे गैंग पर झूठे रेप के मामले में एफआईआर कराकर वसूली करने का आरोप है.

अखिलेश दुबे मामले में 6 पुलिसकर्मी निलंबित Image Credit:

कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई है. पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) अखिल कुमार ने अखिलेश दुबे से संबंध रखने वाले चार इंस्पेक्टर और दो दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा तीन एसीपी, एक इंस्पेक्टर और दो केडीए कर्मियों को भी नोटिस जारी किया गया है. इस कार्यवाही के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

इन सभी के ऊपर अखिलेश दुबे की मदद करने का आरोप है. अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके गैंग पर लड़कियों द्वारा रेप का झूठा केस करवाकर वसूली करने का आरोप है. एसआईटी इस गिरोह की जांच कर रही है. इस मामले में अखिलेश दुबे और उसके साथी लवी मिश्रा जेल में बंद है. जांच के दौरान एसआईटी को पता चला कि कई पुलिसकर्मी भी अखिलेश दुबे की मदद करते थे.

SIT को अब तक 17 से ज्यादा शिकायतें मिली

कानपुर के माफिया वकील अखिलेश दुबे के गुनाहों की लंबी लिस्ट है, जिसके पीड़ित अब सामने आने लगे हैं. एसआईटी के पास अब तक 17 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से 12 से ज्यादा मामले अखिलेश दुबे और उसके साथियों से जुड़े हुए हैं. भाजपा नेता रवि सतीजा के तहरीर पर अखिलेश दुबे के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, जिसे बाद में एसआईटी को सौंपा गया.

एक महिला की अश्लील किताबें छपवा दी थी

हाल में अखिलेश दुबे पर एक और महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं. साकेत नगर की एक महिला कारोबारी ने दुबे और उसके गैंग के खिलाफ रंगदारी, मारपीट, लूटपाट, होटल कब्जाने का आरोप लगाया. यहां तक कि पीड़िता ने बताया कि उसे बदनाम करने के लिए दूबे गैंग ने उसकी अश्लील किताबें तक छपवा दी थी. अब एसआईटी ने मामले में नकेल कसना शुरू कर दिया है.

इन 6 पुलिकर्मियों पर गिरी गाज

पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने मानवेन्द्र सिंह, आशीष कुमार द्विवेदी, अमान और नीरज ओझा समेत 4 इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया है. इसके अलावा दो दारोगा आदेश कुमार यादव और सनोज पटेल को निलंबित किया गया है. इस सभी पर गैंग से सांठ-गांठ करने, झूठे तथ्य देने, शिकायतों पर कार्यवाही नहीं करने और जानबूझकर लापरवाही बरतने को लेकर कार्रवाई की गई है.