पहले FB पर दोस्ती, फिर लगाई 1.25 करोड़ की चपत; मर्चेंट नेवी के रिटायर्ड अफसर से साइबर ठगी

कानपुर में एक रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अफसर ₹1.25 करोड़ की साइबर ठगी का शिकार हुए हैं. जालसाजों ने फेसबुक पर दोस्ती कर उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया और निवेश के बहाने 19 बार ट्रांजेक्शन करवाए. यह राशि देशभर के 2000 से अधिक खातों में घुमाई गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और कुछ रकम फ्रीज की जा चुकी है.

(साइबर फ्रॉड) सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मर्चेंट नेवी के एक रिटायर्ड अफसर के साथ सवा करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. कोहना थाना क्षेत्र के तिलक नगर स्थित सुखधाम अपार्टमेंट में रहने वाले 72 वर्षीय इस रिटायर्ड अफसर को जालसाजों ने मोटा मुनाफा का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिया है. जालसाज फेसबुक के जरिए पीड़ित के संपर्क में आए थे और उन्हें झांसे में लेकर करीब दो महीने में 19 अलग-अलग ट्रांजेक्शन कराए.

पुलिस की जांच में पता चला है कि जालसाजों ने इस पैसे को कई लेयर में देशभर के दो हजार से अधिक बैंक खातों में घुमाया. पीड़ित ने पुलिस को दिए शिकायत में बताया कि वह मर्चेंट नेवी में सेकेंड इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं, जो अमेरिका में डॉक्टर और इंजीनियर हैं. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक पर उनकी पहचान एक महिला से हुई थी.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पीड़ित के मुताबिक महिला ने खुद को बीमार बताते हुए मदद की गुहार लगाई. उसने वॉकिंग स्टिक के सहारे चलते हुए अपना वीडियो भी भेजा, जिससे बुजुर्ग को उसकी बात पर भरोसा हो गया. इसे देखकर मानवीय आधार पर कुछ पैसे उसके खाते में भेज दिए. इसके बाद महिला ने निवेश का प्रस्ताव रखा और दावा किया कि कम समय में अच्छा मुनाफा मिल सकता है. इसी बहाने उसने एक वेबसाइट का लिंक भेजा और वहीं से ठगी का खेल शुरू हो गया.

दो महीने में 19 ट्रांजेक्शन

15 फरवरी से 13 अप्रैल के बीच बुजुर्ग ने अलग-अलग किस्तों में कुल 1.25 करोड़ रुपये निवेश कर दिए. कुछ समय बाद वेबसाइट पर उनके निवेश की रकम बढ़कर 2.50 करोड़ रुपये दिखाई जाने लगी. जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने पहले दो बार 30-30 लाख रुपये अतिरिक्त जमा कराने को कहा. इसके बाद भी रकम नहीं मिली. बल्कि जालसाजों ने 90 लाख रुपये की और डिमांड कर दी.

ऐसे हुआ खुलासा

इसके बाद पीड़ित ने अपने मित्र से उधार मांगा. यह सुनते ही मित्र को शक हुआ. इससे मामले का खुलासा हुआ. फिर पीड़ित ने साइबर थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दी है. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि साइबर सेल की जांच में पता चला है कि ठगी की रकम बैंगलुरु, फरीदाबाद, साहिबाबाद, मध्य प्रदेश और कर्नाटक सहित कई स्थानों के खातों में भेजी गई. इसमें से 24 लाख रुपये अब तक फ्रीज कराए जा चुके हैं.

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