लखनऊ: खामनेई की मौत पर मुस्लिम समुदायों में आक्रोश, छोटे इमामबाड़े से निकला कैंडल मार्च
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत को लेकर मुस्लिम समुदाय में गहरा आक्रोश है. खासकर लखनऊ में लोग सड़क पर उतर आए हैं. छोटे इमामबाड़े में मौलाना कल्बे जवाद ने एक शोकसभा रखी, इसके बाद बड़े इमामबाड़े तक बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला.
ईरान में इजरायल-अमेरिका के हमले में सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत हो गई. वहीं, इसको लेकर उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय में गहरा आक्रोश है. खासकर लखनऊ में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग एक साथ मिलकर छोटे इमामबाड़े से बड़े इमामबाड़े तक कैंडल मार्च निकाल रहे हैं. और अमेरिका-इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
लखनऊ की सड़कों पर सुबह से ही शिया और सुन्नी समुदाय के लोग एक साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं. शिया समुदाय ने घण्टा घर के सामने अमरीका और इज़राइल का पुतला जलाया. वहीं, मौलाना कल्बे जवाद ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है, जिसमें दुकानें बंद रखने और घरों पर काले परचम लगाने की अपील की गई है.
इमामबारगाहों और घरों पर काले परचम लगाए
इससे पहले मौलाना कल्बे जवाद ने शिया समुदाय से अपील की है कि वो रात में 8 बजे एक साथ पूरे पूरे मुल्क में शोक सभा का आयोजन करें और जहां भी संभव हो सके, कैंडल मार्च निकालें. इसी के तहत हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और छोटे इमामबाड़े से बड़े इमामबाड़े तक कैंडल मार्च निकाला गया, इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रही.
मौलाना कल्बे जवाद ने देश के तमाम इंसानियत परस्त लोगों से इस शोकसभा में शामिल होने का आह्वान किया था. बताया कि इस दौरान इमामबारगाहों और घरों पर काले परचम लगाए जाएंगे. इसी प्रकार उन्होंने सिया समुदाय के लोगों से अपनी दुकानें एवं प्रतिष्ठान भी बंद रखने का आग्रह किया है.
समूची मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ा नुकसान- मौलाना रजवी
वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी खामनेई की मौत को शहादत बताते हुए शोक का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि खामनेई की शहादत समूची मुस्लिम दुनिया के लिए बड़ा नुकसान है और इसकी भरपायी नहीं हो सकती. इस क्षति से केवल ईरान में नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर दुख हुआ है.