अफ़ज़ाल अंसारी के सील घर में चोरी! बेटियों ने लगाया आरोप, मचा हड़कंप

अफ़ज़ाल अंसारी के लखनऊ स्थित सील घर में चोरी का मामला सामने आया है. चार साल बाद हाईकोर्ट के आदेश पर खुला घर खाली मिला, जहां से बेशकीमती सामान चोरी हो चुका था. बेटियों ने प्रशासन पर घर की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि सीलिंग के बाद इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

अफजाल अंसारी के सील घर में चोरी

गाजीपुर सांसद अफ़ज़ाल अंसारी के चार साल से सील पड़े घर में चोरी का मामला सामने आया है. बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनके घर का सील खुला और कब्जा लेने पहुंचे अफजाल अंसारी और उनकी बेटियां घर की हालत देखकर हैरान रह गईं. आरोप लगाया कि सील घर को प्रशासन ने खोला तो अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था. आलमारी खुली पड़ी थी और अंदर से सारा कीमती सामान चोरी हो चुका था.

अफजाल की बेटी नूरिया ने घर की बदहाल स्थिति देखकर हैरानी जताई. कहा कि सीलिंग के वक्त उन्हें कीमती सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया गया. चूंकि सरकार ने उनका घर सील किया था, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन की थी. बावजूद इसके घर में कई बार सेंधमारी हुई. नूरिया के मुताबिक, 2023 में भी डीएम गाजीपुर से घर में ब्रेक-इन की शिकायत की गई थी. अब दोबारा घर की जांच में कैमरे का डीवीआर, टीवी, जेवर, पैसे और यहां तक कि बाथरूम की टोंटियां तक गायब मिली हैं.

जांच में जुटी पुलिस

अफजाल अंसारी और उनकी बेटियों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक चोरी हुए सामान की लिस्ट बनाई जा रही है. इसके साथ ही पता किया जा रहा है कि कब और कैसे चोरी हुई और इसकी भनक तक नहीं लगी. बता दें कि लखनऊ के डालीबाग में अफजाल अंसारी का घर है. इसे चार साल पहले गैंगस्टर एक्ट कानून के तहत प्रशासन ने सील कर दिया था. हालांकि अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह संपत्ति उन्हें प्रशासन ने वापस लौटाई है.

अफजाल की पत्नी के नाम है संपत्ति

बताया जा रहा है कि डालीबाग स्थित यह संपत्ति मुख्तार अंसारी के भाई और सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज है. इस कोठी को गाजीपुर जिला प्रशासन ने कुर्क किया था, लेकिन अब इसे रिलीज कर दिया गया है. अफजाल अंसारी के मुताबिक वर्ष 1998 में उनकी पत्नी फरहत अंसारी ने एक प्लांट 14B डाली बाग बैनामा के माध्यम से खरीदा था. इसका आधा हिस्सा बाई तरफ है जो 14 ए डालीबाग है और यह 14 डालीबाग है. इसमें 2001 में मकान बना और हम लोग इसमें रहने लगे. 2007 में एक गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा गाजीपुर में दर्ज हुआ और इस मुकदमे के आधार पर 2023 में इसे अवैध बेनामी संपत्ति या गैंगस्टर एक्टिविटी से प्राप्त स्रोतों से अर्जित की गई संपत्ति बताकर कुर्क कर दिया गया.

Follow Us