8 नामजद, बाकी अज्ञात… राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज, SIT की रिपोर्ट के बाद एक्शन

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मुकदमा भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ है. ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई.

राम मंदिर चंदा चोरी की SIT कर रही है जांच Image Credit: AI Generated

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. एसआईटी (विशेष जांच दल) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मामले में 8 नामजद और बाकी अज्ञात पर भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और साजिश समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके साथ ही आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई एसआईटी की उस प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई है, जिसमें चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन को लेकर कड़ी टिप्पणियां और सख्त संस्तुतियां की गई थीं. जिन 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुआ, उसमें 6 कैशियर शामिल हैं. इन लोगों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी.

FIR में बड़े नाम भी

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने अपनी प्राथमिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आने की बात कही है, जिनके आधार पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई थी. रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद शासन स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए. हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव का नाम नहीं है. छोटे कर्मचारियों पर ही मुकदमा हुआ है, जो पैसों की गिनती में शामिल थे.

कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) शामिल हैं. इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत भी शिकायत दर्ज की गई है. कानूनी जानकारों का कहना है कि इन धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के जुड़ने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.

SIT की रिपोर्ट में सख्त टिप्पणियां

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जांच के दौरान दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की गई थी. रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त संस्तुतियां की गई हैं. इसी आधार पर सरकार ने मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां अब एफआईआर में नामजद और संदिग्ध लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल करेंगी.

बड़े पैमाने पर हो सकती हैं गिरफ्तारियां

सूत्रों का दावा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो सकती हैं. जांच एजेंसियां उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं, जो चढ़ावे और दान राशि के संग्रह, गिनती, रखरखाव और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं. एसआईटी की रिपोर्ट में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है, उनके बयान दर्ज किए जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है.

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