UP: बीजेपी की नई टीम में OBC पर सबसे बड़ा दांव; सिर्फ 8 चेहरे रिपीट

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर खास जोर दिखाई देता है. 64 पदाधिकारियों की सूची में पिछड़ा वर्ग (OBC) को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है. नई टीम में 25 ओबीसी नेताओं को जगह दी गई है, जबकि कई पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका मिला है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बनाई अपनी टीम Image Credit: फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी और संगठनात्मक टीम का ऐलान कर दिया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में सामाजिक संतुलन, जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नए नेतृत्व को प्राथमिकता देने की झलक दिखाई देती है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि 64 की इस लिस्ट में 18 चेहरों को दोबारा मौका मिला है, जबकि अधिकांश पदों पर नए नेताओं की नियुक्ति की गई है.

इससे साफ संकेत मिलता है कि भाजपा 2027 के चुनाव में नई ऊर्जा और नए सामाजिक समीकरणों के साथ उतरने की तैयारी कर रही है. भाजपा की नई सूची में कुल 64 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें 52 नेताओं को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है. प्रदेश कार्यकारिणी में 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, 8 महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष बनाए गए हैं. इसके अलावा 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है.

OBC पर सबसे बड़ा फोकस

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को शामिल करने के बाद अब प्रदेश संगठन की टीम 54 सदस्यों की हो गई है. नई टीम में 13 महिलाओं को भी जगह दी गई है. नई टीम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश पिछड़ा वर्ग (OBC) को लेकर माना जा रहा है. पिछली प्रदेश कार्यकारिणी में जहां 16 ओबीसी नेता शामिल थे, वहीं इस बार उनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है. ऐसे में पार्टी ने संगठन में ओबीसी प्रतिनिधित्व बढ़ाया है.

प्रदेश कार्यकारिणी में सिर्फ 8 चेहरे रिपीट

नई टीम में बदलाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 52 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी में से केवल 8 नेताओं को ही दोबारा मौका मिला है. प्रदेश उपाध्यक्षों की संख्या 18 से बढ़ाकर 19 की गई है. इनमें सिर्फ सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, मोहित बेनीवाल और धर्मेंद्र सिंह को रिपीट किया गया है. बाकी 15 नए चेहरे हैं.

प्रदेश महामंत्री पद पर भी बड़ा बदलाव हुआ है. आठ महामंत्रियों में सिर्फ संजय राय और श्रीराम सिंह चौहान पुराने चेहरे हैं, जबकि छह नए नेताओं को मौका दिया गया है. प्रदेश मंत्रियों की संख्या 16 से बढ़ाकर 19 की गई है. इनमें केवल विजय शिवहरे और शिवभूषण सिंह को दोबारा जगह मिली है. बाकी 17 नए चेहरे संगठन में शामिल हुए हैं. मोर्चा अध्यक्षों के पद पर किसी भी पुराने चेहरे को रिपीट नहीं किया गया है.

पूजा पाल और नीरज सिंह सबसे चर्चित नाम

नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा दो नामों को लेकर है. पहला नाम है पूजा पाल का, समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल को भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है. लंबे समय से उन्हें सरकार या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा थी. अब प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने उनके राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है. दूसरा नाम है नीरज सिंह का. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. लगातार कई कार्यकाल तक प्रदेश टीम का हिस्सा पंकज सिंह की जगह नीरज सिंह को संगठन में शामिल किया गया है.

रोहित मिश्रा बने युवा मोर्चा अध्यक्ष

भाजपा ने युवा नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने की कोशिश की है. प्रतापगढ़ के डॉ. रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. रोहित मिश्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं. छात्र राजनीति से निकलकर संगठन में आगे बढ़े रोहित मिश्रा को भाजपा का उभरता युवा चेहरा माना जाता है. पार्टी को उम्मीद है कि वे युवाओं के बीच संगठन को और मजबूत करेंगे.

सरोज कुशवाहा करेंगी महिलाओं का नेतृत्व

महिला मोर्चा की कमान सरोज कुशवाहा को सौंपी गई है. मिर्जापुर की रहने वाली सरोज कुशवाहा ने महिला मोर्चा से ही अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी और जिला से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाली हैं. भाजपा ने उन्हें प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

कई नेताओं को मिला प्रमोशन

नई टीम में कई नेताओं को संगठनात्मक पदोन्नति भी मिली है. युवा ब्राह्मण नेता अभिजात मिश्रा को प्रदेश मंत्री से प्रमोट कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. इसी तरह गीता शाक्य को महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष से पदोन्नत कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. शंकर लोधी को प्रदेश मंत्री से प्रमोट कर महामंत्री बनाया गया है, जबकि काशी क्षेत्र के अध्यक्ष रहे दिलीप पटेल को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. अर्चना मिश्रा को प्रदेश मंत्री से प्रमोट कर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है.

सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले

भाजपा ने इस बार सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है. पश्चिम क्षेत्र – नवाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र – पूरनलाल लोधी, कानपुर-बुंदेलखंड – राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र – अवधेश कुमार द्विवेदी, काशी क्षेत्र – अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र – विनोद राय. इन नियुक्तियों में भी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है.

प्रदेश कार्यकारिणी में सवर्ण प्रतिनिधित्व में मामूली कमी

नई टीम में सामान्य वर्ग के 21 नेताओं को जगह मिली है. हालांकि पिछली टीम की तुलना में ठाकुर और ब्राह्मण नेताओं की संख्या में मामूली कमी देखने को मिली है. ठाकुर नेताओं की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मण नेताओं की संख्या 8 से घटकर 7 रह गई है. इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव नेता को जिम्मेदारी दी गई है. अनुसूचित जाति वर्ग से 7 नेताओं को टीम में शामिल किया गया है, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग से इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जिम्मेदारी दी गई है. हालांकि, क्षेत्रीय अध्यक्षों और मोर्चों के अध्यक्षों की लिस्ट को जोड़ लिया जाए तो सवर्णों की संख्या पहले जैसी ही है.

Follow Us