‘…मुलायम की विरासत को भी डुबोने पर उतारू’, सपा-कांग्रेस गठबंधन पर CM योगी का तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1975 के आपातकाल को 'संविधान हत्या दिवस' बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को कुचला, जो भारतीय इतिहास का सबसे काला अध्याय है. योगी ने सपा पर भी निशाना साधा और कहा कि मुलायम सिंह यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन के खिलाफ रहते थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को कुचलने का काम किया था.

लखनऊ में आयोजित ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज भी उस दौर को नहीं भूल सकता, जब अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगा दिया गया था. विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया.

‘मुलायम की विरासत को भी डूबोने पर उतारू’

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन के खिलाफ रहते थे. वह कहते थे कि सब कुछ हो जाएगा, लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए. लेकिन उनके उत्तराधिकारी क्या कर रहे हैं, ये आज उसी क्रांग्रेस के साये में जी रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उनका आचरण देखो न, वो कुछ भी हो जाए वह कांग्रेस की डूबते हुए नाव पर सवारी होकर मुलायम सिंह की विरासत को भी डूबोने पर उतारू हैं. क्योंकि, कांग्रेस ने लोकतंत्र को कूचला था, इनका भी लोकतंत्र पर कोई निष्ठा नहीं है. याद कीजिए न इनकी भी जब सत्ता थी तो इन्होंने भी लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को कुचलने का काम किया था.

भारत सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया था और जनता को यह नहीं भूलना चाहिए. आपातकाल के दौरान न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की गई और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास हुआ था.

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, बल्कि सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है. लोकतंत्र की असली ताकत अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में है. केंद्र और राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव यह काम कर रही हैं. यही लोकतंत्र की सच्ची भावना है और यही संविधान के प्रति वास्तविक सम्मान भी है.

Follow Us