राम मंदिर ट्रस्ट में गोविंद देव गिरी बने महामंत्री, महेश भागचंद्रका को मिली कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में गोविंद देव गिरी को महामंत्री और महेश भागचंद्रका को कोषाध्यक्ष बनाया गया है. इस बैठक में ट्रस्ट के खाते का लेखा जोखा भी पेश किया गया. इसमें बताया गया कि ट्रस्ट के पास 1,882 करोड़ रुपये मौजूद हैं और बीते एक साल में 237 करोड़ की आय हुई. निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इस बैठक में तीन नए ट्रस्टियों महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव के नामों पर भी मुहर लगी.

गोविंद देव गिरी बने ट्रस्ट के महामंत्री

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में गोविंद देव गिरी को महामंत्री बनाया गया है. वहीं नवनियुक्त ट्रस्टी महेश भागचंद्रका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले गोविंद देव गिरि ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष थे. वहीं महामंत्री की जिम्मेदारी चंपतराय संभाल रहे थे. बुधवार को हुई राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय के इस्तीफे के बाद रिक्त हुए महामंत्री पद की जिम्मेदारी गोविंद देव गिरी को दी गई है. इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखा जोखा पेश किया गया.

इसमें बताया कि गया ट्रस्ट के खाते में इस समय 1,882 करोड़ रुपये मौजूद हैं. वहीं बीते एक साल में 237 करोड़ की आय हुई है. बैठक में एक साल में हुए खर्चों का भी ब्यौरा दिया गया. बताया गया कि केवल निर्माण कार्यों पर ही 425 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इसी प्रकार बीते वर्ष में करीब 91 करोड़ रुपये का नियमित व्यय बताया गया है. ट्रस्ट के महा‍मंत्री स्वामी गोविंददेव गिरि की ओर से प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि 1,882 करोड़ रुपये थी.

तीन नए ट्रस्टियों के नाम पर मुहर

इसी बैठक में ट्रस्ट के विस्तार के तहत काफी विचार विमर्श के बाद तीन नए ट्रस्टियों के नाम का ऐलान किया गया. इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं. महामंत्री गोविंद देव गिरी के मुताबिक नई दिल्ली के रहने वाले महेश भागचंदका व्यवसायी और समाजसेवी हैं. राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के भूमि-पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रमों में यजमान की भूमिका में भी उनकी सहभागिता रही है. इसके अलावा श्रीराम वन गमन यात्रा से जुड़े 222 पवित्र तीर्थस्थलों पर श्रीराम स्तंभ की स्थापना के कार्य में भी वे सक्रिय रहे हैं. वे वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम की कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं.

राम मंदिर के वकील रहे हैं मदन मोहन पांडेय

राम मंदिर ट्रस्ट के दूसरे ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय हैं. वह अयोध्या के रहने वाले हैं और 1990 से 2019 तक राम जन्मभूमि मंदिर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे हैं. इसके अलावा वो श्रीहरि सत्संग समिति के उपाध्यक्ष और अयोध्या में राम कथा योजना प्रशिक्षण केंद्र के पालक भी हैं. वहीं तीसरी ट्रस्टी डॉ. निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं. 19 वर्षों तक वह महाविद्यालय प्राचार्य रही हैं.

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