आतंकी आकिब की बात पर इतना भरोसा! AK-47 को खिलौना मान बैठी बिजनौर पुलिस; SHO पर गिरी गाज
बिजनौर पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में आतंकी मॉड्यूल चला रहे आकिब खान के AK-47 को खिलौना मानकर क्लीनचिट दी थी. अब यूपी एटीएस के खुलासे के बाद लापरवाही बरतने वाले तत्कालीन एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है. वहीं सीओ को भी उनके सर्किल से हटा दिया गया है. यह घटना पुलिस की गंभीर चूक को उजागर करती है.
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर दुबई में बैठकर भारत में आतंकी मॉड्यूल ऑपरेट कर रहा मेरठ का आकिब खान पुलिस को पहले भी बेवकूफ बना चुका है. अभी 4 महीने पहले ही आकिब का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. इसमें 4 आतंकी वीडियो कांफ्रेंसिंग में जुड़े थे और किसी वारदात को लेकर बात कर रहे थे. खुद आकिब इस वीडियो में AK-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ नजर आया था. वीडियो पर संज्ञान लेकर बिजनौर में नांगल सोती थाने के दरोगा विनोद कुमार ने 23 नवंबर को मुकदमा भी दर्ज किया था. लेकिन तत्कालीन एसएचओ की कृपा से इस आतंकी को क्लीनचिट मिल गई थी.
अब मामले का खुलासा होने के बाद बिजनौर एसपी ने नांगल सोती थाने के तत्कालीन एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है, वहीं सीओ को भी हटा दिया है. पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के बाद नांगल सोती थाने के तत्कालीन एसएचओ सत्येंद्र मलिक ने वीडियो में दिख रहे दो लोगों मैजुल और आकिब से वीडियो कॉल पर बता की थी. इस दौरान आकिब ने AK-47 को खिलौना बताकर पुलिस को बेवकूफ बना दिया था. बड़ी बात की एसएचओ सत्येंद्र मलिक ने उसकी बात पर भरोसा भी कर लिया और उसे क्लीनचिट देते हुए कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी.
क्या था इस वीडियो में
पुलिस के मुताबिक नांगल सोती थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर में रहने वाला मैजुल साउथ अफ्रीका में रहकर सैलून का काम करता है. नवंबर महीने में उसका एक वीडियो फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. यह फुटेज एक वीडियो कांफ्रेंसिंग का था, जिसमें 4 लोग जुड़े थे. इनमें मेरठ का रहने वाला आकिब खान भी था. वीडियो में आकिब के हाथों में एके-47 और हैंड ग्रेनेड भी नजर आ रहा है. मैजुल ने खुद यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर अपलोड किया था.
पुलिस ने ऐसे की खानापूर्ति
वीडियो वायरल होने पर दरोगा विनोद कुमार ने 23 नवंबर को एफआईआर तो दर्ज कर लिया था, लेकिन मामले की जांच एसएचओ सत्येंद्र मलिक ने की. उन्होंने वीडियो कॉल पर ही मैजुल और आकिब से बात की. इस दौरान आकिब ने एसएचओ को बताया था कि उसके हाथ में AK-47 नहीं, बल्कि खिलौना था, वहीं हैंड ग्रेनेड को परफ्यूम की बोतल बताया था. एसएचओ ने आकिब की बात पर सहज ही भरोसा भी कर लिया और मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी.
ऐसे हुआ खुलासा
यूपी एटीएस ने लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन को उड़ाने की साजिश रचने वाले मेरठ के साकिब समेत चार आंतकियों को अरेस्ट किया है. इन आतंकियों से पूछताछ में पता चला कि इनका हैंडलर कोई और नहीं, वही मेरठ का आकिब है, जिसे चार महीने पहले बिजनौर पुलिस ने क्लीनचिट दिया था. साकिब ने एटीएस की पूछताछ में आकिब के आईएसआई से कनेक्शन भी बता दिए. यह इनपुट यूपी एटीएस ने बिजनौर एसपी को दी. यह खबर मिलते ही बिजनौर पुलिस में हड़कंप मच गया.
हुआ ये एक्शन
यूपी एटीएस के इनपुट पर बिजनौर एसपी अभिषेक झा ने तत्काल एक्शन लिया और आकिब की जांच करने वाले नांगल सोती थाने के तत्कालीन प्रभारी सत्येंद्र मलिक को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए. वहीं सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप सिंह को उनके सर्किल से हटा दिया है. सीओ पर आरोप है कि मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाते समय भी उन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा.
