210 किमी का इको-फ्रेंडली एक्सप्रेसवे; दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.5 घंटे में…पीएम मोदी आज करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. साथ ही वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करेंगे. इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 210 किलोमीटर है. इसके खुल जाने से दिल्ली से देहरादून का सफर छह घंटे से घटकर 2.30 घंटे रह जाएगा.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

आज मंगलवार यानी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेगे. इस एक्सप्रेस वे के खुल जाने से दिल्ली से देहरादून का सफर छह घंटे से घटकर 2.30 घंटे रह जाएगा. साथ ही यूपी के कई जिलों को इस एक्सप्रेस वे के खुलने काफी फायदा होगा. देहरादून से गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर की भी दूरी कम हो जाएगी. इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा तय की गई है. साथ ही भारी वाहन 80 किलोमीटर तो दो पहिया 60 की स्पीड चल सकेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह लगभग 11:15 बजे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे के ऊंचे खंड पर बने वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करेंगे. फिर, वह सुबह लगभग 11:40 बजे देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे.फिर 12:30 बजे देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. साथ ही वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करेंगे.

210 किलोमीटर है एक्सप्रेस-वे की लंबाई

इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 210 किलोमीटर है. इसके उद्घाटन के साथ उत्तराखंड का सफर आसान नहीं होगा, बल्कि इससे उत्तर भारत के कई राज्यों की सड़क कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी. कहा जा रहा है कि इस एक्सप्रेस-वे के उद्धघाटन से दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल की यात्रा पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेज, सरल और आरामदायक हो जाएगी.

12 किमी लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है खासियत

एक्सप्रेसवे का सबसे खास आकर्षण 12 किमी लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है. यह ग्रीन कॉरिडोर राजाजी टाइगर रिजर्व में बना है. इसमें पर्यावरण का खास ख्याल रखा गया है. एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर पर वाहन ऊपर ऊपर से ही जंगल को पार कर जाएंगे. वाहनों का शोर बिलकुल नहीं होगा और इससे वन्य जीवों को कोई दिक्कत नहीं होगी. यह एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है.

एक्सप्रेस-वे को बनाने में पर्यावरण का भी खास ख्याल

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रसे-वे के निर्माण में पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है. इसमें सोलर-इनेबल्ड लाइटिंग सिस्टम, वर्षा जल संरक्षण तकनीक और शोर नियंत्रित बैरियर जैसी आधुनिक सुविधाएं दिया गया. एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ नई हरित पट्टियां विकसित की गई हैं, ताकि हाइड्रोलॉजी और पर्यावरण को संतुलित रखा जा सके.

क्यों खास है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे?

दिल्ली-देहरादून को देश के सबसे आधुनिक सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है. यह सिर्फ एक हाईवे नहीं, बल्कि एक एक्सेस-कंट्रोल्ड, मल्टी-लेन, ईको-फ्रेंडली कॉरिडोर है. इसके पहले फेज के निर्माण में करीब 13,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. फिलहाल इसे 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन फेज-2 और फेज-3 के निर्माण कार्य के दौरान इसे 12 लेन करने की योजना है.

दिल्ली-देहराजून एक्सप्रेस-वे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे और सहारनपुर-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया है, ताकि यात्रियों को किसी भी दिशा में यात्रा करने में आसानी हो. इस एक्सप्रसे-वे के शुरू होने से देहरादून के अलावा गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर में रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे.

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