रेलवे की पहली पसंद बने पूर्व सैनिक! रेलवे स्टेशनों पर होगी तैनाती, इतने पदों की निकली भर्ती

उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और परिचालन को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे अब पूर्व सैनिकों की मदद लेगा. पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने 106 पॉइंट्समैन पदों के लिए आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के साथ समझौता किया है. ये भूतपूर्व सैनिक स्टेशनों की सुरक्षा, पटरियों की निगरानी और ट्रेन संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे. इनकी तैनाती इसी महीने से शुरू होगी.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा जल्द ही भूतपूर्व सैनिकों को सौंपी जा सकती है. सुरक्षा के मामले रेलवे की पहली पसंद फौजी हैं. इसलिए रेलवे ने 106 पॉइंट्समैन की भर्ती निकाली है. माना जा रहा है कि स्टेशनों पर तैनाती के दौरान ये भूतपूर्व सैनिक पटरियों और ट्रेनों की सुरक्षा भी संभालेंगे. हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल उत्तर प्रदेश के स्टेशनों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है. इसके लए लखनऊ में मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के साथ मंगलवार को आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के मीटिंग हुई.

इस मीटिंग में दोनों पक्षों की ओर से एक एमओयू साइन किया गया है. यह जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने दी. उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के जरिए 106 पॉइंट्समैन की भर्ती होगी. इसके लिए ऑर्गनाइजेशन योग्य भूतपूर्व सैनिक रेलवे को उपलब्ध कराएगा. इसी महीने में इन सभी पॉइंट्समैन की तैनाती हो जाएगी. रेलवे में इस तरह का करार करने वाला पूर्वोत्तर रेलवे का लखनऊ मंडल दूसरा और पूर्वोत्तर रेलवे ज़ोन में पहला मंडल बन गया है.

तत्काल शुरू होंगी सेवाएं

पीआरओ महेश गुप्ता के मुताबिक इस करार के मुताबिक ऑर्गनाइजेशन की ओर से रेलवे को तत्काल पूर्व फौजी उपलब्ध कराए जाएंगे और इसी महीने यानी जनवरी के आखिर तक इन फौजियों की तैनाती भी कर दी जाएगी. इस करार पर लखनऊ मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक प्रसन्न कात्यायन और आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से निदेशक कर्नल अनुराग कुमार ने साइन किए हैं.

ये होगी जिम्मेदारी

पीआरओ महेश गुप्ता के मुताबिक रेलवे में पॉइंट्समैन की जिम्मेदारी ट्रेनों को सही ट्रैक पर भेजने के लिए पॉइंट्स (पटरियों के स्विच) बदलना होता है. इसी के साथ उनके पास इंटरलॉकिंग तथा ट्रेन के डिब्बे जोड़ने और अलग करने के साथ पटरियों की निगरानी का काम भी करते हैं. साथ ही ट्रेनों को सुरक्षित और समय पर संचालित करने के लिए हॉट एक्सेल जैसी दिक्कत की स्थिति में तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचित करना होता है.