राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ‘दान वापस नहीं मांगा जाता’, स्पीकर सतीश महाना की सफाई

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने विवादित बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनका बयान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के संदर्भ में था, न कि आम श्रद्धालुओं के लिए. महाना ने कहा कि भगवान को दिया गया दान श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है, उसे वापस नहीं मांगा जाता. उन्होंने यह भी कहा कि यदि चढ़ावे में चोरी हुई है तो उसकी जांच जारी है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना Image Credit: फाइल फोटो

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हमलों के बीच अब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और वह सीधे तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के संदर्भ में था, न कि आम श्रद्धालुओं के लिए.

स्पीकर सतीश महाना ने साफ किया कि राम मंदिर में दान आस्था और समर्पण का विषय है, श्रद्धालु भगवान को दान देते समय उसे वापस लेने की भावना नहीं रखते. उन्होंने कहा कि यदि कहीं चोरी हुई है तो उसकी जांच हो रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. दरअसल, सतीश महाना ने कहा था कि जिन लोगों को श्रद्धा नहीं है, उनके ही पैसे चोरी हुए हैं। हम तो समर्पण के भाव से दान देते हैं.

क्या था पूरा विवाद?

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर विपक्ष लगातार योगी सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कथित तौर पर दान की राशि वापस करने और इस मुद्दे पर पैदल मार्च की बात कही थी. इसी से जुड़े सवाल पर सतीश महाना से सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा, ‘मुझसे सवाल दिग्विजय सिंह को लेकर पूछा गया था कि वह पैदल मार्च करेंगे और अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, उसी पर मैंने कहा कि जिन लोगों को श्रद्धा नहीं है, उनके ही पैसे चोरी हुए हैं… हम तो समर्पण के भाव से दान देते हैं.’

‘दान वापस नहीं मांगा जाता’

सतीश महाना ने कहा कि हिंदू परंपरा में भगवान को दिया गया दान कभी वापस नहीं मांगा जाता… यह पूरी तरह श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का विषय है. उन्होंने कहा, ‘हमारी श्रद्धा भगवान राम में है… कोई व्यक्ति भगवान को दान देकर फिर उसे वापस नहीं मांगता… दान का अर्थ ही समर्पण होता है… करोड़ों लोगों ने उसी भावना से राम मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया है.’ उन्होंने कहा कि राम मंदिर किसी व्यक्ति या संस्था का नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रतीक है.

‘मैं विधायक बनने से पहले से राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा हूं’

राम मंदिर आंदोलन से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि उनका संबंध राजनीति से पहले का है. उन्होंने कहा, ‘मैं विधायक बनने से पहले से राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा हूं… मैंने कारसेवा की है… यह विषय मेरे लिए राजनीतिक नहीं बल्कि आस्था का है.’ महाना ने कहा कि करोड़ों लोगों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार मंदिर निर्माण में सहयोग दिया और यह भारत की सांस्कृतिक चेतना का सबसे बड़ा उदाहरण है.

चोरी हुई है तो कार्रवाई भी होगी

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सरकार या ट्रस्ट किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है. उन्होंने कहा, ‘जहां चोरी हुई है, उसकी जांच चल रही है… जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं… जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.’ उन्होंने कहा कि किसी एक या कुछ लोगों की गलती के आधार पर पूरे ट्रस्ट या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है.

ओवैसी के बयान पर जताई नाराजगी

सतीश महाना ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में एक मुस्लिम सदस्य को शामिल किए जाने की बात कही थी. महाना ने कहा कि ऐसा बयान देना करोड़ों सनातनियों और हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है. उन्होंने कहा, ‘यह सभी सनातनियों और हिंदुओं का अपमान है। इस तरह के बयान देकर पूरे हिंदू समाज को चोर साबित करने की कोशिश की जा रही है.’

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