महिलाओं पर विवादित टिप्पणी करने वाले सपा जिलाध्यक्ष हटाए गए, पूरी कार्यकारिणी भी भंग
हरदोई में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शराफत अली का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने कड़ा कदम उठाया है. सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने जिला कार्यकारिणी और सभी प्रकोष्ठों की कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया. वीडियो में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और विधायक राजेश्वरी देवी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया था.
हरदोई में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाया है. हरदोई के जिला अध्यक्ष के एक वायरल वीडियो के बाद पार्टी ने पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है. सपा नेतृत्व ने इसे अनुशासन और संगठन की मर्यादा से जुड़ा मामला बताया है. सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने शनिवार को जिला कार्यकारिणी समेत सभी प्रकोष्ठों की कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने मामले का संज्ञान लिया और संगठन की छवि को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया. पार्टी का मानना है कि संगठन के पदाधिकारियों का आचरण सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए. हरदोई समाजवादी पार्टी का महत्वपूर्ण जिला माना जाता है और आगामी पंचायत चुनावों के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है.
क्या है पूरा मामला
हरदोई के सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और उनकी जेठानी विधायक राजेश्वरी देवी के साथ ही उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहते दिखाई दे रहे हैं. राजेश्वरी देवी दो बार विधायक रह चुकी हैं और ऊषा वर्मा तीन बार हरदोई की सांसद रही हैं. इन दोनों के ससुर स्वर्गीय बाबू परमाई लाल, मुलायम सिंह यादव के करीबी थे. पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने कहा था, ‘अगर महिलाओं के प्रति जिलाध्यक्ष के विचार ऐसे हैं तो यह बेहद शर्मनाक है.’
पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी की मांग की थी. दोनों महिला नेताओं की शिकायत पर यह फैसला लिया गया. इस मामले में प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से जिलाध्यक्ष शराफत अली पर कार्रवाई कर एक नजीर पेश करने की बात कही थी. इसके बाद सपा ने जिलाध्यक्ष को हटाते हुए पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है.
संगठन को लेकर काफी सतर्क है सपा
पार्टी नेतृत्व अब जिले में नए सिरे से संगठन खड़ा करने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि जल्द ही अंतरिम व्यवस्था के बाद नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि समाजवादी पार्टी इन दिनों संगठन को लेकर काफी सतर्क नजर आ रही है. पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अनुशासनहीनता या विवादित गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पार्टी प्रदेश भर में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के अभियान में जुटी हुई है. हरदोई की जिला कार्यकारिणी भंग होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पार्टी जिले में नए नेतृत्व की जिम्मेदारी किसे सौंपती है. राजनीतिक गलियारों में इसे केवल संगठनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.
