UP रोडवेज के मृत कर्मचारियों के परिवार को अब तत्काल 5 हजार की जगह मिलेंगे इतने रुपये, रिकवरी भी बंद
किसी भी बस दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद अब तक रोडवेज कर्मचारियों के परिवार को तत्काल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी. यह राशि उनके फाइनल सेटलमेंट से काट ली जाती थी. अब परिवहन विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है. साथ ही भविष्य में इसकी रिकवरी पर भी रोक लगा दी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल परिवहन विभाग ने यात्री राहत योजना के अंतर्गत किसी भी बस दुर्घटना में चालक/परिचालक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों तो तत्काल राहत देने के लिए दी जाने वाली राहत राशि में बढ़ोतरी की है. अब कर्मियों के आश्रितों को 5000 की जगह तत्काल 20 हजार रुपये दिया जाएगा.
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इसका लाभ परिवहन निगम में कार्यरत नियमित, संविदा के साथ-साथ आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दिया जाएगा. पहले मृत्यु के बाद कर्मचारियों के आश्रितों को सिर्फ 5000 रुपये दिए जाते थे. लेकिन परिवहन विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक इसे 20 हजार कर दिया गया है, जिसका भुगतान निगम आय के जरिए किया जाएगा.
दुर्घटना में कमी लाने की कोशिशें जारी
परिवहन विभाग के मुताबिक ये फैसला कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया. विभाग का कहना है कि दुर्घटना में कमी लाने के लिए वह अपने चालकों और परिचालकों प्रशिक्षित करने का काम कर रहा है. लेकिन इसके बावजूद किसी दुर्घटना में किसी चालक परिचालक की मृत्यु हो जाती है तो यह धनराशि उनके आश्रितों के लिए मददगार साबित होगी.
पहले सहायता राशि की होती थी रिकवरी
बता दें पहले कर्मचारियों के आश्रितों को दी जाने वाली राशि को कर्मियों फुल एंड फाइनल सेटलमेंट से काट लिया जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. आश्रितों को मिलने वाले 20 हजार रुपये की राशि की रिकवरी रोडवेज नहीं करेगा. बता दें कि इस मामले में राशि बढ़ाने और रिकवरी कैंसिल की मांग रोडवेज कर्मचारी लगातार कर रहे थे.
कर्मचारियों ने परिवहन विभाग के फैसले का स्वागत किया
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और रोडवेज कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि महंगाई को देखते हुए हम लगातार मृतक कर्मचारियों तो तत्काल मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे. साथ ही हमारा प्रबंधन से अनुरोध था कि इस राशि की रिकवरी भी बंद की जाए.मृतक के वेतन से रिकवरी करना मानवीय नहीं था.
