यूपी का ऐसा स्कूल, जहां हिंदू बच्चों को पढ़ाया था नमाज और कलमा; टीचर के खिलाफ एक्शन

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर हिंदू बच्चों को जबरन नमाज और कलमा पढ़ाने का आरोप लगा है. बच्चों ने शिकायत की कि उन्हें इस्लाम को श्रेष्ठ बताया गया और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया. अभिभावकों की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

सांकेतिक तस्वीर, श्रोत: META AI Image Credit:

उत्तर प्रदेश में भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले हिंदू बच्चों को जबरन नमाज और कलमा पढ़ाया जाता था. उन्हें बताया जाता था कि अल्लाह ही श्रेष्ठ है. मामला मथुरा में नौहझील थाना क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल का है. बच्चों की शिकायत पर उनके परिजनों ने घटना की जानकारी मथुरा के बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) को दी. इसके बाद बीएसए ने आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया है. उन्होंने इस मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं.

बीएसए ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इस टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि यहां एक प्राइमरी स्कूल में तैनात टीचर जान मोहम्मद पर धर्म विशेष का प्रचार करने का आरोप है. बच्चों से पूछताछ में पता चला है कि टीचर डंडे के जोर पर सभी बच्चों को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर करता था. बच्चों से नमाज पढ़वाते हुए उन्हें इस्लाम को श्रेष्ठ की सीख दी जाती थी. इस संबंध में बच्चों की शिकायत पर उनके परिजनों ने भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान को शिकायत दी. वहीं दुर्गेश प्रधान ने बीएसए मथुरा को लिखित शिकायत दी है.

बहलाने फुसलाने और डराने का आरोप

बीजेपी मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान के मुताबिक आरोपी टीचर स्कूली बच्चों को नमाज और कलमा पढ़ने के लिए पहले बहलाता फुसलाता था. इसके बावजूद भी विरोध करने पर बच्चों को डराता धमकाता था. यही नहीं, क्लास में बच्चों के सामने इस टीचर द्वारा दूसरे धर्मों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जाती और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जाता था. आरोपी टीचर इस्लाम को श्रेष्ठ बताने और हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए सभी तरह के हथकंडों का इस्तेमाल करता था.

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर मिलती थी फटकार

इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदेश में भले ही सीएम योगी नियमित रूप से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन अनिवार्य किया है, लेकिन इस स्कूल में इस तरह के कार्यक्रम नहीं होते थे. बल्कि ऐसा करने पर बच्चों को डांटा और हड़काया जाता था. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस टीचर का महिलाओं के प्रति आचरण भी बहुत खराब था. इसको लेकर लोगों में लंबे समय से नाराजगी थी. अब मामला गरमाने पर बीएसए मथुरा ने आरोपी टीचर को सस्पेंड करते हुए सभी तरह की शिकायतों की जांच एक साथ करने के आदेश दिए हैं.